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उद्योग मंत्री पर भारी विवादित प्राचार्य,दो माह पहले लिखी चिट्ठी कहाँ दबी..?

0 सरकारी पुस्तकें कबाड़ में बेच दी, जनप्रतिनिधियों से दुव्र्यवहार भी
कोरबा। शासन द्वारा गरीब बच्चों को अध्यापन के लिए दिए जाने वाले पाठ्य पुस्तकों को कबाड़ में बेच देने वाली प्राचार्या श्रीमती सुशीला पटेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नोनबिर्रा, विकासखण्ड करतला को ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ दुव्र्यवहार करने की शिकायत पर हटाने के लिए प्रदेश के उद्योग मंत्री द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को लिखा पत्र दर किनार कर दिया गया है। पत्र के दो माह बाद भी किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।
बता दें कि ग्राम पंचायत नोनबिर्रा के विद्यालय में संलग्न की गई प्राचार्या सुशीला पटेल के विरुद्ध यहां के पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यप्रणाली ठीक नहीं होने, विवादित कार्यकाल रहने, गरीब बच्चों की शिक्षा का माध्यम बने ओपन स्कूल परीक्षा केन्द्र को बंद करने, छग शासन से प्राप्त पाठ्य पुस्तकों को कबाड़ में बेच देने के मामलों को रेखांकित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से 11 दिसंबर 2023 को शिकायत की गई थी। ग्राम पंचायत सकदुकला, नोनबिर्रा, डोंगदरहा के सरपंच सहित क्षेत्र क्रमांक-4 के जनपद सदस्य ने हस्ताक्षरित शिकायत किया था। 19 दिसंबर 2023 को ग्राम पंचायत नोनबिर्रा में संलग्न प्राचार्य को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित भी किया गया। इसके बाद केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन को ग्राम पंचायत द्वारा चिट्ठी भी लिखी गई। कई प्रयासों के बाद 2 जनवरी 2024 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसमा एवं गोढ़ी के प्राचार्यों को शिकायत के संबंध में व ओपन परीक्षा केन्द्र नोनबिर्रा को बंद नहीं करने के संबंध में दिए गए आवेदन पर जांच हेतु नियुक्त किया गया। जांच उपरांत प्रतिवेदन में शिकायतें सही पाई गईं। इसके उपरांत 13 जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के द्वारा सरपंच महेश राम राठिया व पंचगणों की शिकायत व मांग के आधार पर प्राचार्य को नोनबिर्रा विद्यालय से अन्यत्र संलग्न करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा गया जो 15 जनवरी को कार्यालय में रिसीव भी हुआ लेकिन कार्रवाई आज तक लंबित है। कलेक्टर जन चौपाल में भी यह मांग की जा चुकी है।

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