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कोतवाली क्षेत्र में अवैध रेत पर कब होगी कार्रवाई..?

कोरबा। नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के विशेष अभियान में अवैध कारोबारियों की धरपकड़ तो हुई लेकिन रेत की चोरी तो अब भी हो रही है। खुला नहीं बल्कि कागजों में बंद घोषित घाट को अवैध खनन का अड्डा बनाया गया है। अब अभियान में दोहरा मापदण्ड है या सीतामणी को विशेष छूट राजस्व, पुलिस और माइनिंग ने दे रखी है,यह सवाल जरूर उठ रहा है।

इसमें प्रमुख रूप से शहर के भीतर सीतामणी रेत घाट प्रमुख है जो सिटी कोतवाली से 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में है। बंद घोषित घाट में यहां निर्धारित मात्रा से काफी अधिक मात्रा में रेत की चोरी पिछले ठेकेदार ने कराया तो अब इस घाट को खोलने की न तो मंजूरी दी गई है और न ही भविष्य में सीतामणी रेत घाट के लिए कोई प्रस्ताव भेजा गया है, फिर भी यहां से रेत बेधडक़ निकल रही है।

वैसे तो रेत चोरी के मामले में पुलिस में एफआईआर कराने का भी प्रावधान है और अभी नए कप्तान अवैध कार्यों पर सख्त है किन्तु सीतामणी अछूता रह गया है। सीतामणी में रेत चोरी रोकने खनिज विभाग ने कई बार बड़े-बड़े गड्ढे खुदवा दिए, बेरियर भी लगवा दिया लेकिन चोरों पर एफआईआर आज तक दर्ज नहीं हुई। यहां दफन हुए दिवंगतों के कब्र भी रेत चोरों ने खोद दिए, फिर भी उनका मन नहीं भरा। नदी और इसके आसपास के इलाके से रेत खोदने के कारण बड़े-बड़े गड्ढे निर्मित हो रहे हैं। पानी के नीचे यह गड्ढे आसानी से नजर नहीं आते और जो लोग खासकर बच्चे और युवा दिनचर्या के लिए नदी का उपयोग करते हैं, उनके लिए रेत चोर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। क्षेत्र के पार्षद से लेकर कांग्रेस-भाजपा के जनप्रतिनिधियों में भी उदासीनता है।

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