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पेड न्यूज का परीक्षण कर नोटिस जारी करने के निर्देश

0 आदर्श आचार संहिता के अनुरूप ही जारी हो सकेंगे विज्ञापन

मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति की बैठक आयोजित

कोरबा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सौरभ कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर ने निर्वाचन आयोग द्वारा सौंपे गए दायित्वों के बारे में बताया और उनका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एमसीएमसी के गठन की जरूरत और इसके कामकाज के बारे में विस्तार से बताया। समिति की बैठक में बताया गया कि एमसीएमसी का कामकाज आचार संहिता के प्रभावशील होने के साथ ही शुरू हो गया है। प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया ईकाई द्वारा प्रतिदिन प्रकाशित और प्रसारित समाचारों के साथ विज्ञापनों पर सतत निगरानी रखने के साथ अखबारों के कतरन, स्क्रीन शॉट और विजुअल संग्रहित किए जा रहे हैं। टीम द्वारा प्रतिदिन प्रकाशित होने वाले 9 प्रातःकालीन तथा सांध्य समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में प्रकाशित राजनीतिक समाचारों को चिन्हित किया गया है। पार्टियों द्वारा घोषित उम्मीदवारों और राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रकाशित एक जैसे समाचारों को चिन्हित कर पेडन्यूज के रूप में रखने और संबंधित को नोटिस जारी करने के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी कतरनों का परीक्षण कर नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने निर्देशित किया कि मीडिया को जारी होने वाले विज्ञापनों और पेड न्यूज पर कड़ी नजर रखे। बैठक में बताया गया कि लगभग 50 से अधिकारियों की टीम हर पल की खबर पर निगरानी रख रहे हैं। चुनाव संपन्न होने तक सभी चैनलों के प्रसारण को देखा जा रहा है। प्रमाणन की जरूरत इलेक्ट्रानिक मीडिया सहित केबल, रेडियो, ई पेपर, सिनेमा घर और सार्वजनिक दृश्य श्रव्य माध्यमों के लिए होगा। सभी तरह की मीडिया में जारी होने वाले विज्ञापनों का कन्टेन्ट आदर्श आचरण संहिता के अनुरूप होना चाहिए। अन्यथा इसकी प्रकाशन प्रसारण अनुमति नहीं दी जायेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पेड न्यूज के बारे में बताया कि पेड न्यूज (क्रीत समाचार) से तात्पर्य समाचार पत्रों में प्रकाशित उन समाचारों से है, जो वास्तव में किसी दल अथवा प्रत्याशी द्वारा अपने लाभ के लिए प्रायोजित किए जाते हैं।
कलेक्टर ने बताया कि निर्वाचन संबंधी किसी भी विज्ञापन, पोस्टर, पर्चा अथवा अन्य किसी भी अभिलेख में प्रकाशक एवं प्रिंटर का नाम और पता छपा होना चाहिए। ऐसा नहीं पाये जाने पर सजा अथवा जुर्माना हो सकता है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 एच के अंतर्गत किसी प्रत्याशी की सहमति के बिना उसके लाभ के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है तो यह अवैध होगा। बैठक में अपर कलेक्टर श्री दिनेश कुमार नाग, समिति के सदस्य निलेश कुजूर, हेमंत जायसवाल, कमलज्योति, डॉ. राजेश सक्सेना, नोडल अधिकारी सेवाराम दीवान, विनोद सिंह, डॉ. एम. महतो उपस्थित थे।

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