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भूविस्थापित तरस रहे,विधायक परिवार का करोड़ों का मुआवजा सुर्खियों में…

0 एसईसीएल के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में

कोरबा। कोरबा जिले में संचालित एसईसीएल की दीपका परियोजना खदान से प्रभावित ग्राम मलगांव और इससे लगे हरदीबाजार के भूविस्थापितों की वर्षों से लंबित समस्या, खासकर मुआवजा का प्रकरण और इसमें भूविस्थापितों को सालों से तरसाने तथा इस बीच मौजूदा विधायक के परिवार का लगभग 300 करोड रुपए का मुआवजा बनाकर दे दिए जाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एसईसीएल की खदानों में जमीन देने के बाद उसके मालिकों को जमीन के एवज में उचित मुआवजा, नौकरी, रोजगार, पुनर्वास, बसाहट के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अभी इन दिनों ग्राम मालगांव का मामला काफी चर्चा का विषय है जिसमें वर्तमान एसडीएम ऋचा सिंह और रीडर मनोज गोभिल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। ऐसे में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसमें खदान से लगे ग्राम मलगांव के भूविस्थापितों को मुआवजा प्रकरण में लीपापोती कर कम और आधे लोगों को मुआवजा देने पर काम किया जा रहा है तो दूसरी ओर मलगांव से आगे हरदीबाजार की जमीन जो कि विधायक पुरुषोत्तम कंवर के परिजनों की होना बताया जा रहा है, उन्हें लगभग 300 करोड रुपए का मुआवजा एसईसीएल के द्वारा वितरण किया गया है। अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो विधायक परिवार और एसईसीएल प्रबंधन जाने, लेकिन विधानसभा क्षेत्र में खासकर दर-दर की ठोकर खा रहे भूविस्थापितों के बीच यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है कि विधायक के परिवार का मुआवजा वितरण में अविलंब कार्रवाई की गई और विधायक के द्वारा भूविस्थापितों के हक की लड़ाई में कोई साथ न देकर मुंह फेर लिया गया है। क्षेत्र में यह एक चुनावी मुद्दा भी बनने जा रहा है। एसईसीएल के अधिकारियों की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदेह के दायरे में रखी जा रही है कि आखिर उसके द्वारा समान प्रकरणों में इस तरह का भेदभाव क्यों किया गया है?
0 पुरुषोत्तम पर नहीं भरोसा, ननकीराम की शरण ली

नि:संदेह यह किसी विधायक के लिए सोचने का विषय हो सकता है कि उसके क्षेत्र के लोगों को अपने निर्वाचित विधायक पर भरोसा नहीं रह गया और न्याय की गुहार लगाने के लिए दूसरे क्षेत्र और दल के विधायक का सहयोग ले रहे हैं। एसईसीएल की दीपका परियोजना खदान से प्रभावित ग्राम मलगांव हरदीबाजार के ग्रामीणों ने मुआवजा हेतु सर्वे रिपोर्ट में फेरबदल करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम रिचा सिंह और रीडर मनोज गोभिल को हटाने तथा कार्रवाई की मांग की है। पिछले दिनों की गई शिकायत के बाद कोई कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने गुरूवार को रामपुर से भाजपा के विधायक ननकीराम कंवर से उनके धनवार पारा रानी रोड स्थित निवास में मुलाकात की। भू-विस्थापितों ने अपनी व्यथा बताते हुए सहयोग का आग्रह किया। ननकीराम कंवर इन्हें अपने साथ लेकर कलेक्टर सौरभ कुमार से मिलने पहुंचे और उन्हें सारी बात बताते हुए उचित कार्यवाही का आग्रह किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मलगांव में मुआवजा हेतु संपूर्ण सर्वे और मुआवजा राशि लगभग पूरा हो चुका था। पूर्व एसडीएम ने पूरे मलगांव को ग्रामवासियों के अनुसार और एसईसीएल की रजामंदी एवं स्वीकृति से सर्वे और गांव का नापी तथा मुआवजा पत्रक तैयार कर पूर्ण किया था। ठीक इसी बीच एसडीएम का स्थानातरण हो गया और कटघोरा में नए एसडीएम रिचा ठाकुर ने पदभार ग्रहण किया। एसडीएम रिचा ठाकुर और कार्यालय के बाबू मनोज गोभिल तथा अन्य के द्वारा मिलकर पूर्व के पूर्ण हो चुके सर्वे और नापी तथा मुआवजा पत्रक को रद्द कर अपने हिसाब से सर्वे और मुआवजा पत्रक तैयार कर नापी करनी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एसडीएम रिचा ठाकुर और मनोज गोभिल द्वारा मिलकर हरदी बाजार में माफिया की मदद से डंडे और लाठी के बल पर ग्रामीणों में भय उत्पन्न कर सर्वे किया जा रहा है तथा गांव में आते हैं और जल्दी-जल्दी नापी करा कर औने-पौने दामों में पैसे लेकर पूरा गांवों को खाली कराने का प्रयास किया जा रहा है।
0 आचार संहिता बाद अनशन करूँगा : ननकी राम
रामपुर विधायक ननकीराम कंवर ने इस पूरे मामले में सघन जांच करने की मांग की है। श्री कंवर ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि जांच उचित समय पर नहीं हुई तो शिकायत प्रधानमंत्री और कोयला मंत्री को पत्र के माध्यम से की जाएगी तथा आवश्यकता पडऩे पर आदर्श आचार संहिता के समाप्त हो जाने के उपरांत अनशन भी किया जाएगा।

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