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BREAK:माकपा को झटका,50 सदस्यों ने दिया इस्तीफा,कांकेर के बाद कोरबा में हलचल

कोरबा। प्रमुख वामपंथी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कोरबा जिले के सभी पुराने और राज्य समिति,जिला समिति के 50 सदस्यों ने सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपना इस्तीफा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय कमेटी महासचिव कॉमरेड सीताराम येचुरी को भेज दिए हैं व इसकी प्रति राज्य व केंद्र को भी भेज दिया गया है।
बता दें कि पिछले ही दिनों छत्तीसगढ़ राज्य के कांकेर जिले में अनेक सदस्यों ने माकपा से अपना इस्तीफा दिया था। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि दूसरे जिलों में भी इस तरह की हलचल होगी और अंततः कोरबा जिले से माकपा के 50 लोगों ने इस्तीफा दिया है जो इस पार्टी के काफी पुराने और जमीन से जुड़े हैं। इस्तीफा देने वालों में शामिल वरिष्ठ सदस्य जनकदास कुलदीप सहित अन्य का कहना है कि छत्तीसगढ़ और खासकर कोरबा जिले में स्थानीय नेतृत्वकर्ता साथियों के साथ छल-कपट कर पार्टी से निकालने का षड्यंत्र किया जाता रहा है। पूर्व में बालको यूनियन और सीटू जिला महासचिव बीएल नेताम, पूर्व पार्टी जिला सचिव सपूरन कुलदीप सहित और भी राज्य स्तर के सदस्य निकाले गए। राज्य एवं जिला समिति के नेता नहीं चाहते कि स्थानीय कर्मठ व सच्चे सदस्य नेतृत्व के पद में रहें। ये स्थानीय लोगों को सिर्फ गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं ताकि कोई इनके गलत कार्यों का विरोध न करे। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी देश की सबसे क्रांतिकारी पार्टी रही है मगर कुछ समय से केंद्रीय नेतृत्व भी निचले स्तर के साथियों को अनदेखा करने से स्थानीय व जनसंगठन के नेतृत्व में भारी भ्रष्टाचार और पार्टी विरोधी गतिवधि को अंजाम दिया जा रहा है। जनवादी तरीके से काम की दुहाई देने वाले जिला पार्टी सचिव प्रशांत झा, सीटू जिला समिति महासचिव वीएम मनोहर ने मनमाने व्यक्तिवादी तरीके से पार्टी और सीटू में काम कर रहे हैं, ईमानदार साथियों को जिले/राज्य के समितियों से षड्यंत्र पूर्वक बाहर कर दिया, जो केवल अपने आर्थिक भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए किया गया। इसका समर्थन राज्य सचिव संजय पराते और राज्य नेतृत्व करते आ रहे हैं। इसकी शिकायत केंद्रीय समिति को की गई जिस पर खानापूर्ति के लिए जांच समिति बनाई गई जो सही शिकायत में स्पष्ट खुलासा के बाद भी नजर अंदाज कर दिया गया और भ्रष्ट लोगों को ही सही ठहराया गया। इससे स्थानीय जमीन से जुड़े कार्यकर्ता पार्टी के रवैए से क्षुब्ध होकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिए हैं।

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