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KORBA:जेल ले जाते फरार हुआ आरोपी,पत्रकार पर हमला करने वाले 2 आरोपी जेल दाखिल

फरार मुख्य आरोपी राहुल की हो रही तलाश,तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर हो सकती है कार्रवाई

0 लूटे गए डेढ़ लाख नगद, सोने का चैन और मोबाइल का पता नहीं

कोरबा। युवा पत्रकार पर हमले के आरोपियों में से तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया है जहां से जमानत निरस्त हो जाने के बाद जेल दाखिल करने के लिए ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही मुख्य आरोपी फरार होने में सफल हो गया। पुलिस अब फरार आरोपी राहुल चौहान की तलाश कर रही है। इस मामले में पीड़ित उमेश यादव का मानिकपुर चौकी पुलिस की कार्रवाई को लेकर आरोप भी है कि आरोपियों के संबंध में उसे जानकारी नहीं दी गई और न ही शिनाख्त कराई गई। 11-12 आरोपियों में से वह लगभग सभी को पहचानता है, उसका लूटा हुआ डेढ़ लाख रुपये नगद, सोने का चैन और मोबाइल का पता नहीं चला है और न ही इस बारे में कुछ बताया जा रहा है।

बता दें कि 26 अगस्त की रात छत्तीसगढ़ के कोरबा में घंटाघर के समीप से पत्रकार उमेश यादव पर प्राण घातक हमला करने वाले गिरोह के तीन लोगों को मानिकपुर चौकी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी राहुल चौहान निवासी पोडीबहार विजय कंवर निवासी दर्री और अर्जुन यादव पंप हाउस कॉलोनी कोरबा निवासी को कोर्ट में पेश किया गया। चूंकि उनके विरुद्ध लूट का मामला दर्ज है इसलिए जमानत के अभाव में तीनों को जेल भेजने का निर्देश अदालत ने दिया। राहुल विजय और अर्जुन को लेकर पुलिसकर्मी राजेश दुबे संजय साहू और रतन कुमार कोरबा जेल ले जा रहे थे। जेल के समीप राहुल चौहान पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। अब फिर से फरार हो गए राहुल चौहान की तलाश करने के लिए कोरबा पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा स्वयं इस मामले में पल पल की जानकारी ले रहे हैं।

गौरतलब है की एक न्यूज़ चैनल के कोरबा प्रतिनिधि उमेश यादव पर 26 अगस्त की रात लगभग 10 बजे घंटाघर के समीप लगभग एक दर्जन लोगों ने हमला कर दिया था। उनके साथ मारपीट के अलावा सोने की चेन 3 मोबाइल और लगभग डेढ़ लाख रुपए भी गुंडे लूट ले गए थे। जिस कार में उमेश सवार थे उसे भी पत्थर मार मार कर तोड़ दिया गया था। इस मामले को लेकर कोरबा प्रेस क्लब, भारती श्रमजीवी पत्रकार महासंघ समेत कई संगठनों ने जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।
बहरहाल जो लोग पकड़े गए हैं व जो फरार होने में अभी भी सफल हैं उन सभी का तार कोरबा को राखड़ की आग में झोंक देने वाली एक कंपनी ब्लैक स्मिथ से जुड़ा हुआ है। घटना दिनांक को श्वेता हॉस्पिटल रिसदी मार्ग में अस्पताल के बगल की जमीन पर राखड़ फेंके जाने के मामले का न्यूज़ वीडियो बनाने को लेकर विवाद संबंधित लोगों के द्वारा किया गया। इसके बाद पत्रकार से लूटपाट और मारपीट के पीछे कंपनी की क्या भूमिका है ?अथवा आरोपियों ने ऐसा क्यों किया इसकी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।

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