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OMG:कोर्ट में गाली देते हैं नायब तहसीलदार,खर्चा भी मांगते हैं,घर पर बुलाते हैं….!

0 GPM कलेक्टर व SDM पर दोषारोपण करने वाले अधिकारी का वीडियो आया सामने

जीपीएम। छत्तीसगढ़ी में एक प्रसिद्ध कहावत है “अपना रेमट दूसरे पर पोछना” (अर्थात अपना दोष दूसरे पर मढ़ना)। इस कहावत को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के नायब तहसीलदार पूरी शिद्दत से चरितार्थ कर रहे हैं, जिन्हें शिकायत के कारण एसडीएम के प्रतिवेदन पर कलेक्टर ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए अटैच कर दिया है। अटैच किए जाने के बाद नायब तहसीलदार के द्वारा अधीनस्थ महिला कर्मचारी, एसडीएम और कलेक्टर पर दोषारोपण करते हुए कार्रवाई से खुद को सदमा लगने और कोई अनहोनी होने पर कलेक्टर को जिम्मेदार ठहराने का वीडियो वायरल किया गया।

वीडियो आधारित यह समाचार प्रसारित होने के बाद नायब तहसीलदार का भी वीडियो सामने आया है जिसमें वह न्यायालय में कार्य करने के दौरान गाली का भी उपयोग कर रहे हैं। इनके द्वारा अभद्र और अश्लील शब्दों का उपयोग कर समुदाय विशेष के व्यक्ति के लिए टिप्पणी की गई। एक महिला पटवारी के लिए अशोभनीय बातें की गई। ।
यह वीडियो जीपीएम जिले के नायब तहसीलदार राजेश कुमार कमार का है जो उन पर कार्रवाई के पहले का है। इसी वीडियो और महिला कर्मी की शिकायत के आधार पर उन्हें अटैच करने की कार्रवाई की गई है।
दरअसल उनके कार्यक्षेत्र के एक ग्रामीण को बेजा कब्जा की जमीन पर अधिकार देने का आवेदन राजेश कुमार के न्यायालय में आया था। पटवारी प्रतिवेदन के आधार उक्त ग्रामीण को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। वे अपनी डायस पर बैठे थे जो न्याय की वेदी होती है और अधिकारी अतिरिक्त कार्यपालिक दंडाधिकारी की भूमिका में होता है। इस दौरान ग्रामीण से बातचीत करते हुए उन्होंने समुदाय विशेष के लिए अशोभनीय टिप्पणी कर गाली दी और महिला पटवारी के लिए भी उसके निजी जीवन का जिक्र कर गलत बात कही। गाली का उपयोग करते हुए कहा कि जो काम मैं कर दूंगा,वो कोई नहीं करेगा। बदल जाऊंगा तो पटवारी के चक्कर काटते रहोगे, जो खर्च देने की बात हुई थी,वो कर दो काम पक्का कर दूंगा। ग्रामीण कहता है कि वो उनके घर पर गया था, घण्टी बजाया था पर निकले नहीं। नायब तहसीलदार कहते हैं कि इसी काम के लिए 2-3 लाख रुपये देना पड़ता। अभी जो लाये हो,वो दे दो और कल सुवह घर पर आ जाना। ग्रामीण उनसे एमाउंट पूछता है तो अपने अधीनस्थ को सम्बोधित करते हुए जवाब देते हैं कि उसको तो बता दिया था,फिर कहते हैं कि कल इनको घर ले कर आ जाना। अंत में ग्रामीण 12 किलोमीटर दूर से आने का हवाला देकर शाम तक यहीं कार्यालय में रुककर कुछ रुपये देने की बात करता है जिसमें 35 हजार रुपये का जिक्र होता है। ग्रामीण यह भी कहता है कि खेत गिरवी रखना पड़ेगा।

इस पूरे वाकये का वीडियो उस पूरे घटनाक्रम के दौरान चुपके से बना लिया गया। निःसन्देह नायब तहसीलदार का यह कृत्य न्यायालयीन पद की गरिमा को तार-तार करने वाला कहा जा सकता है।
0 महिला कर्मी ने की है गंभीर शिकायत
नायब तहसीलदार के अधीन महिला कर्मी का आरोप है कि रमेश कुमार कमार द्वारा आये दिन मेरे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली गलौज किया जाता है। दिनांक 31.01.2024 उनके द्वारा फाईल को उठाकर मेरे उपर फेककर गाली गलौज किया गया। साथ ही कई बार यह भी कहा गया है कि तुम रीडर हो अगर तुमको रात 9 बजे तक भी काम करने को कहूँ तो करना पड़ेगा। मुझ पर देर रात काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। नायब तहसीलदार कमार द्वारा आवेदको से हर काम के लिए पैसा की मांग करते हुए कहा जाता है कि फीस जमा करो फिर अर्जी पूर्जी बनायेगे और कोर्ट के उपर आवेदको को बुला कर खुद उनसे पैसा लेते हैं। साथ ही आवेदकों को यह भी कहते हैं कि वकील मत करना, वकील तुमको उल्लू बनाकर पैसा खाता है। वकील को जो रूपया दोगे, वह मुझे दे देना। अपने उच्च अधिकारियों को बुरा भला कहते हैं, हल्का पटवारियों को भी गंदी गाली देते हैं। इस तरह के व्यवहार से महिला कर्मी के लिए काम करना मुश्किल होता है।

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