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तेंदुए का शिकार:तंत्र-मंत्र या तस्करी के लिए जहर देकर मारा…?

कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पाली उप वनमण्डल के चैतमा वन परिक्षेत्र के राहा सर्किल जंगल में वयस्क तेंदुआ का शिकार किया गया। उसकी अंग कटी लाश मिलने से महकमे में हड़कंप मची रही।
विभागीय अधिकारियों ने कल ही मौके पर पोस्टमार्टम करवाने उपरांत शव को विधिवत दफन कराया। अब इस बात की विवेचना की जा रही है कि तेंदुए को तंत्र-मंत्र के लिए मारा गया या फिर तस्करी के इरादे से उसका शिकार किया गया।
0 जहर देकर मारा गया
पोस्टमार्टम में तेंदुआ को जहर देकर मारे जाने की बात सामने आई है। मरने के बाद तेंदुए की खाल उतारने की कोशिश की गई। एक पंजा व जबड़ा शिकारी ले गए हैं। पूंछ कटी अवस्था में घटना स्थल के पास से वन विभाग ने बरामद किया है। हालांकि इन सबके बारे में विभागीय अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाने तथा वाट्सअप के जरिये भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दिए जाने से सब सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है।

0 जंगल में तेंदुए की उपस्थिति की जानकारी नहीं
रेंजर से लेकर अन्य मैदानी अमले व अधिकारियों को तेंदुआ की मौजूदगी की कोई जानकारी थी ही नहीं। ग्रामीणों से एक तेंदुए की लाश मिलने की खबर पर परिक्षेत्राधिकारी व वनकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। तेंदुए की उम्र करीब सात साल थी। सामने के दाएं पैर का पंजा काट लिया गया है और जबड़ा भी उखाड़कर शिकारी ले गए हैं। पेट के कुछ हिस्से की चमड़ी उखाड़ ली गई है। वन कर्मियों ने आसपास तलाशा तो तेंदुए की कटी पूंछ मिली। प्रथम दृष्टया ही यह मामला शिकार का लग रहा है। पोस्टमार्टम में जहर देकर तेंदुए को मारे जाने की जानकारी सामने आई है।
वन विभाग के डाग स्कवाड की टीम की मदद शिकारियों तक पहुंचने के लिए ली गई है। वन संरक्षण अधिनियम के धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।
0 वन अमले की निगरानी पर सवाल

इस पूरे मामले में चिंताजनक बात यह भी है कि चैतमा रेंज में तेंदुआ भ्रमण कर रहा था पर इसकी भनक भी वन कर्मियाें को नहीं लग सकी जबकि सोमवार को तेंदुए ने तीन बकरियों को मौत के घाट उतार दिया था और एक जख्मी अवस्था में मिला थी।
यह घटना चैतमा रेंज के सेमरा बीट के अंतर्गत आने वाले पटपरा में हुई थी।सीताराम यादव बकरी पालन का काम करता है। घर के बाड़ी में कुछ बकरियां बंधी हुई थी। रात को तेंदुआ बाड़ी में घुस गया था। सुबह सीताराम उठा तो एक बकरी छटपटाती मिली, जबकि तीन की मौत हो चुकी थी। बकरी के शरीर पर मिले निशान से तेंदुए के हमले का पता चला था।

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