कोरबा। 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर एसईसीएल कोरबा परियोजना के सरायपाली खदान में कार्यरत मजदूरों के द्वारा सरायपाली के डूमरमुड़ा में बैठक आयोजित की गई। काफी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे। कोयला मजदूर पंचायत के तत्वाधान में आयोजित सभा में कोयला मजदूर पंचायत (HMS) के केंद्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर ने मजदूरों को बताया कि मजदूरों के काफी संघर्षों और बलिदानों से ये दिन आया है कि जो मजदूर 12 घंटे काम करते हैं, उन्हें 8 घंटे काम करने का अधिकार प्राप्त हुआ। भारत में मजदूर दिवस की शुरूआत चेन्नई से 1 मई 1923 को हुई। यही वो समय था जब लाल रंग का झंडा मजदूर दिवस के प्रतीक के रुप में सामने आया। दुनिया के कई ऐसे देश है जहां इस दिन अवकाश रहता है। भारत में भी कई राज्यों में अवकाश रहता है l
यह दिन मजदूरों व श्रमिक वर्ग की उपलब्धियों को और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सलाम करने का दिन है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना और उनके द्वारा किए गए योगदान को याद करना है। यह दिन मजदूरों को संगठित कर आपसी एकता मजबूत करने के लिए उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए है। आज के दिन हम मजदूरों के लंबे संघर्ष को याद करते है l कार्यक्रम के दौरान सबसे वरिष्ठ श्रमिक सहस राम यादव को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
KORBA:राष्ट्र निर्माण में मजदूरों के अमूल्य योगदान को सलाम करने का दिन है मई दिवस : गजेन्द्र





