कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय सचिव से की गई शिकायत में कहा गया है कि नगर पालिक निगम कोरबा में महापौर के इशारे पर टेण्डर प्रक्रिया में गड़बड़ी का एक कार्य का दो प्रस्ताव पारित किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू व अन्य पार्षदों ने कहा है कि निगम मद से वार्ड क्र. 14 (पूर्व वार्ड क्रं.12) अमरैय्या पारा अंतर्गत पावर टावर के पास तालाब व सी.सी. रोड निर्माण कार्य का टेण्डर रू. 88.00 ताख का ई-टेण्डर नोटिस क्रमांक 168445, दिनांक 06.06.2025 किया जाकर उसके वर्क आर्डर की तैयारी निगम द्वारा की जा रही है। विदित हो कि उस टेण्डर में भी गड़बड़ी करते हुए टेण्डर में शामिल 18 ठेकेदारों में से 16 ठेकेदारों को नियम विरुद्ध अपात्र घोषित कर मात्र 02 ठेकेदारों को पात्र घोषित कर ऊंचे रेट में बिना प्रतिस्पर्धा के आबंटित किया जा रहा है जिसकी शिकायत ठेकेदारों द्वारा भी की जा चुकी है।
इससे भी आश्चर्य की बात यह है कि इसी काम का प्रस्ताव समान मूल्य का दोबारा बनाकर एम.आई.सी. से पास कराकर शासन को पत्र क्रं. 3796 दिनांक 03.06.2025 के माध्यम से अधोसंरचना मद से शासन से स्वीकृति हेतु भेजा गया और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पत्र क्रमांक 6096/चार/ले.अन./2025-26 नया रायपुर, दिनांक 14.07.2025 द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई जा सीरियल नंबर 12 पर अंकित है। उसकी भी टेण्डर करने की तैयारी है । एक काम का दो-दो जगह फाइल चलाना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की आशंका को पुख्ता करता है।
0 महापौर ने कहा-आरोप अनर्गल,स्वमेव निरस्ती का प्रावधान है

वहीं दूसरी ओर इस मामले में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत का कहना है कि इशारे पर टेंडर में गड़बड़ी का आरोप निराधार व मनगढ़ंत है। नगर निगम में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य हो रहे हैं, कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है। विकास कार्यों के सम्बंध में प्रस्ताव भेजे जाते हैं,कई बार पहली बार में स्वीकृति नहीं मिलने पर पुनः प्रस्ताव भेजे जाते हैं और नियम है कि यदि कोई कार्य स्वीकृत हो चुका है,किन्तु उसी कार्य को पृथक मांग पर दुबारा मंजूरी मिल जाती है, तो वह स्वमेव निरस्त हो जाता है। नेता प्रतिपक्ष को शायद यह बात मालूम नहीं है,इसलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
