👉🏻 गौठान के सभी कोटना खाली व सूखे,मवेशी मरणासन्न मिले
👉🏻कांजी हाऊस में आवारा मवेशियों का न कोई रिकार्ड न हिसाब,क्या यहां से तस्करी हो रही…?
👉🏻 कुव्यवस्था देखकर भड़के सभापति नूतन, पहुंचे आयुक्त सहित अधिकारी
👉🏻 सिविल लाइन थाना में दर्ज कराई जा रही एफआईआर
👉🏻अधिवक्ता अब्दुल नफीस ने उजागर किया अव्यवस्था, रसीद खान के जिम्मे था कांजी हाऊस(गौठान) 👉🏻कर्मियों को 6 माह से मानदेय नहीं मिला
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की सरकार गौवंश का संरक्षण के लिए जहां बढ़ावा देने के साथ-साथ तमाम तरह की योजनाओं पर काम करने दावा करती है वहीं इसी सरकार के सरकारी तंत्र में सरकारी अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण, यह कहना गलत ना होगा कि कहीं ना कहीं सरकारी संरक्षण में गौवंश की हत्या हो रही है। कोरबा में ऐसा मामला सामने आया है जिसमें सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और घोर नजरअंदाजी के कारण कई मवेशियों ने दम तोड़ा है, वे कांजी हाउस में मरणासन्न अवस्था में मिले तो वहीं उनके कोटना में ना तो चारा मिला, ना पानी। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन बेजुबान गौवंशों का चारा डकार लिया, उनका पानी पी गए।
यह मामला नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत वार्ड खरमोरा से लगे गोकुल नगर गौठान जिसे कांजी हाउस भी कहा जाता है वहां देखने को मिला। युवा अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान किसी कार्य से गोकुल नगर की तरफ गए थे तो अनायास उनकी नजर इस गौठान पर पड़ गई जहां उन्होंने मवेशियों की दुर्दशा को देखा तो उनसे रहा नहीं गया। गौठान के नजदीक से अंदर का हाल देखा तो उनका भी दिल दहल उठा। उन्होंने इस पूरे क्षेत्र की वीडियो बनाते हुए साझा किया है।

उन्होंने तत्काल इस बारे में नगर निगम के सभापति एवं जिला अधिवक्ता संघ के सचिव नूतन सिंह ठाकुर को अवगत कराया। जानकारी होते ही नूतन सिंह ठाकुर गौठान पहुंचे। उनके साथ धर्मसेना के पदाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह सहित पार्षद रामकुमार साहू, रवि सिंह चंदेल, हिंदू संगठन के राणा मुखर्जी,गौ सेवक अक्षत शर्मा भी गौठान पहुंच गए। मेन गेट पर ताला लगा हुआ था जिसे पास में रहने वाली एक महिला ने आकर खोला, केयर टेकर का पता नहीं था।
0 आयुक्त ने देखी बदहाली
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, सभापति ने तत्काल आयुक्त आशुतोष पांडेय को जानकारी दी, जिसके बाद अपर आयुक्त, गौठान के चारा प्रभारी अनिरुद्ध सिंह,लेबर सप्लायर प्रभारी व स्वच्छता अधिकारी डॉ. संजय तिवारी, जोन प्रभारी भूषण उरांव, गौठान के बिजली व पानी प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया।
0 खुलासे चौंकाने वाले, कहां गया रिकॉर्ड
इस दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रसीद खान के जिम्मे चल रहे इस गौठान में कोई भी रजिस्टर मौजूद नहीं था, जिसमें यहां महीनों से लाई जारी गायों-बैलों की संख्या, उन्हें दिए जाने वाले चारा-पानी का रिकॉर्ड हो। आश्चर्य की बात यह भी है कि महीनों/वर्ष भर से किसी भी आवारा गोवंश की ना तो नीलामी हुई है और ना ही इन्हें उनके मालिकों के सुपुर्द किया गया है। चूंकि कोई भी रिकॉर्ड यहां नहीं मिला जिससे कि इस बात की पुख्ता तस्दीक हो सके कि इतने गोवंशों की नीलामी की गई और इतने गौवंशों को उनके पालकों के सुपुर्द विधिवत कार्रवाई करते हुए किया गया। यह जरूर है कि सड़कों पर आवारा घूमते मवेशियों को पकड़कर यहां लाया जाता रहा है। पूर्व के महीनों में यह कार्रवाई बेहताशा हुई।13 अगस्त को निरीक्षण के दौरान लगभग ढाई सौ की संख्या में यहां गोवंश पाए गए जबकि कार्रवाई लगातार जारी है तो यह संख्या कम से कम हजार तक पहुंचने का दावा किया गया। इस बात की आशंका गौसेवकों द्वारा जाहिर की गई कि क्या इस गौठान से गौवंशों की तस्करी होती रही है…!
0 नहीं मिला मानदेय,तो आना बंद कर दिए
इस दौरान पूछताछ में यह बात सामने आई की रसीद खान को लड़के रख कर गौठान में मवेशियों की देखरेख के लिए कहा गया था। जब यहां कार्यरत लड़कों को बुलवाया गया तो उन्होंने बताया कि 6 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है तब ऐसे में वह काम नहीं कर सके और गौठान को छोड़कर चले गए। इसी तरह इन मवेशियों के इलाज पानी के संबंध में जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि पशु चिकित्सक यहां बीच-बीच में आकर इलाज पानी करते हैं। पशु चिकित्सक को तलब किया गया तो उन्होंने आकर बताया कि वह हर 15 दिन में यहां आते हैं और आवश्यक इलाज पानी कर चले जाते हैं। अब सवाल जायज है कि जब नगर निगम के खर्चे से यह गौठान/ कांजी हाउस संचालित हो रहा है, नगर निगम के खाते से कांजी हाउस में रहने वाले मवेशियों के लिए चारा-पानी की राशि निकल रही है तो आखिर इसे डकार कौन रहा है? क्या बेजुबानों के हक का भी चारा-पानी भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलीभगत से हजम कर लिया है,इसकी जांच होगी।
0 कुत्ता नोंच रहा था, कुछ मरणासन्न पड़े मिले
गौठान का दृश्य कुछ इस तरह हृदय विदारक था कि यहां एक मृत बछड़े को कुत्ता नोंचते हुए नजर आया तो वहीं आसपास में आधा दर्जन मवेशी मरणासन्न हालत में मिले। सुरक्षा के अभाव में आवारा कुत्ते गौठान में घुसकर मासूम बछड़ों का शिकार करते हैं। भूखे-प्यासे अन्य कुछ मवेशियों की जान अब-तब में चली जाएगी, ऐसे हालात देखने को मिले। इन सभी का उपचार तत्काल तौर पर शुरू कराया गया। आसपास के लोगों ने बताया कि आज यहां जो लोग पहुंचे हैं उन्हें तो दो मवेशी मृत मिले व कुछ मरणासन्न, जबकि यहां हर दो-तीन दिन में भूख-प्यास से एक-दो गाय मरती रही है।
0 सभापति ने कहा-यह गौ हत्या है

सभापति नूतन सिंह ने इसे घोर व अक्षम्य लापरवाही बताते हुए कहा कि गायों की मौत सामान्य नहीं, बल्कि क्रूरता के साथ उनकी हत्या हुई है। उन्होंने इस मामले को “गौ हत्या” बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति, चाहे वह निगम का अधिकारी हो, कर्मचारी हो, ठेकेदार हो या लेबर सप्लायर हो, उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। सभापति ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस चेतावनी के बाद नगर निगम के अधिकारी दौड़े-भागे सिविल लाइन थाना पहुंचे। समाचार लिखने तक एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई जारी थी।