0 नरईबोध के किसानों के साथ तीन राउंड बैठक उपरांत मुआवजा कटौती सहमति का निराकरण करने में SECL असफल, अब आंदोलन की राह पर ग्रामीण
कोरबा। एक तरफ जब समूचा देश और कोरबा जिलावासी 15 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ अपने अधिकारों को पाने की चिंता में खदान प्रभावित गांवों के लोग बैठक में चिंतन-मनन करते नजर आए। प्रबंधन के साथ बनी सहमति के बाद भी निराकरण न होने से यह व्यथित हैं और मांगों के संबंध में फिर प्रशासन को अवगत कराते हुए आंदोलन की तैयारी रहे हैं।

एसईसीएल की गेवरा परियोजना के अर्जित ग्राम नरईबोध के बसाहट एवं रोजगार के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कटघोरा एवं विधायक कटघोरा विधानसभा क्षेत्र प्रेमचन्द पटेल की उपस्थिति में 25 जुलाई 2025 को महाप्रबंधक कार्यालय, एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सहमति के बाद भी निराकरण न होने से ग्रामीण नाराज हैं। वे एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं।

अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों की उपस्थिति में ग्राम नरईबोध के बसाहट एवं रोजगार के संबंध में पूर्व में हुये बैठक 26 जुलाई 2025 में लिये गये निर्णय को रेखांकित किया गया था जिस पर सकारात्मक चर्चा के बाद भी अमल नहीं हो रहा है।
0 पूर्व बैठक के संबंध में विवरण निम्नानुसार है:-
- ग्राम नरईबोध के लिये नवीन बसाहट स्थल के लिये खम्हरिया ग्राम के बगल में जरहाजेल के अधिग्रहित जमीन को बसाहट के लिये चयनित किया गया है जिसका आबंटन संबंधी कार्यवाही की स्थिति क्या है एवं भूमिहीन सहित, बसाहट अथवा बसाहट के एवज में एकमुश्त राशि लेने वाले की जानकारी चाही गई।
ग्राम नरईबोध के लिये नवीन बसाहट स्थल के लिये खम्हरिया ग्राम के बगल में कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा पूर्व में अधिग्रहित जरहाजेल की भूमि को चयनित किया गया है जिसमें लगभग 333 प्लॉट उपलब्ध हो सकते हैं। अन्य लगभग 450 हितग्राहियों एवं 200 भूमिहीन परिवारों की भी बसाहट हेतु अर्हतायें सुनिश्चित की जानी है जिन्हें नियमानुसार बसाहट के एवज में एकमुश्त मुआवजा राशि दिया जायेगा। इसके लिये मुख्यालय बिलासपुर से अनुमोदन हेतु पत्राचार किया जायेगा।
- ग्रामवासियों द्वारा किसी अन्य के भूमि पर बनाये गये मकान का मुआवजा राशि हेतु भूमि स्वामी की सहमति लिये जाने का विरोध किया गया।
इस संबंध में एसडीएम कटघोरा द्वारा ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि परिसम्पत्तियों के मापन के दौरान जिस भी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य के भूमि पर निर्मित परिसम्पत्तियों का मापन कराया गया है, उन्हे नियमानुसार परिसम्पत्तियों का मुआवजा प्राप्ती हेतु भूमिस्वामी से सहमति लेना अनिवार्य है।
- ग्रामवासियों द्वारा मूलनिवासियों के परिसम्पत्तियों में 40 एवं 60 प्रतिशत कटौती को नहीं किये जाने की बात कही गई।
ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि उक्त कार्यवाही नियमानुसार ही की जा रही है।
- ग्रामवासियों द्वारा यह बात उठायी गई कि जिला पुनर्वास समिति की बैठक वर्ष 2010 में सम्पन्न हुई थी जिसमें ग्राम नरईबोध का नाम दर्ज नहीं है।
- इस संबंध में एसडीएम कटघोरा द्वारा ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि वर्ष 2010 में हुये जिला पुनर्वास समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार ही ग्राम नरईबोध के घटते क्रम की सूची बनाई गई है जिसका कलेक्टर द्वारा अनुमोदन किया गया था एवं इसी के आधार पर तथा एसडीएम कटघोरा के विभिन्न जारी आदेशों के परिप्रेक्ष्य में तथा मुख्यालय बिलासपुर के निदेशक बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित घटते क्रम की सूची के आधार पर ग्राम नरईबोध के 171 खातेदारों/ आश्रितों को एसईसीएल गेवरा में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
- ग्रामवासियों द्वारा निर्मित पुराने परिसम्पत्तियों में परिवार बढ़ने से आवश्यकता को देखते हुये उसी में आंशिक रूप से नये निर्माण पर कोई कटौती न किये जाने की बात कही गई।
इस संबंध में एसडीएम कटघोरा द्वारा ग्रामवासियों को अवगत कराया गया कि परिवार बढ़ने से पुराने परसिम्पत्तियों के कुछ भागों में आंशिक निर्माण की जांच कर साकारात्मक निर्णय लिया जायेगा।
- घटते क्रम की सूची के कट आफ प्वाईंट 0.51 एकड़ पर रोजगार दिये जाने के संबंध में चर्चा की गई।
ग्रामवासियों को एसईसीएल द्वारा अवगत कराया गया कि प्रथम संशोधित घटते क्रम की सूची में सभी 0.51 एकड़ वाले खातेदार रोजगार की पात्रता में थे किन्तु खातेदारों के भूमि पर रकबे का घटना/बढ़ना एवं इससे संबंधित जिला प्रशासन के विभिन्न आदेशों के तारतम्य में एवं भविष्य में आने वाले आदेशों के तारतम्य में तथा सीआईएल पुनर्वास नीति 2012 के अनुशरण में एसईसीएल मुख्यालय के निदेशक मंडल द्वारा जारी किये गये मोडालिटीस में उल्लेखित नियमों के आधार पर 0.51 एकड़ के 05 खातेदारों का ही रोजगार की पात्रता बनने की संभावना है एवं 05 खातेदार रोजगार की पात्रता से बाहर हो रहे हैं। 0.51 एकड के जो 05 खातेदार रोजगार की पात्रता में आयेंगे, उन्हें प्रथम संशोधित घटते क्रम की सूची के पुनः संशोधन के पश्चात ही रोजगार उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामवासियों द्वारा फौती नामांतरण के प्रकरणों को शीघ्र निपटारा किये जाने का अनुरोध किया गया।
इस संबंध में एसडीएम कटघोरा एवं तहसीलदार दीपका द्वारा इन प्रकरणों को शीघ्र ही पूर्ण कर लिये जाने का आश्वासन दिया गया।
- ग्रामवासियों द्वारा गेवरा खदान में संचालित ठेका कंपनियों में ग्रामवासियों को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की बात रखी गई।
- इस संबंध में एसडीएम कटघोरा द्वारा एसईसीएल गेवरा में संचालित ठेका कंपनी में वैकल्पिक रोजगार दिये जाने के लिये एक नियमावली तैयार किये जाने की सलाह दी गई जिसमें सर्वप्रथम सीधे तौर पर प्रभावित ग्रामों को प्राथमिकता देने की बात की गई है एवं इसके लिये चार दस्तावेजों यथा आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, बैंक विवरण जमा कर वरीयता निर्धारित करने की सलाह दी गई। उक्त के आधार पर निम्नानुसार प्राथमिकता तय किया जायेगाः-
- घटते क्रम की सूची के रोजगार के लिये निर्धारित कट आफ प्वाइंट के नीचे स्थित खातेदारों को वरीयता के आधार पर ।
- ग्राम में रहने वाले भूमिहीन परिवार।
- रोजगार हेतु कट आफ प्वाईंट के ऊपर में स्थित खातदारों के अन्य आश्रितों को जिन्हे स्थायी रोजगार प्राप्त नहीं हुआ हो।
- ग्राम के अन्य हितग्राहियों को।
उक्त के संबंध में एसडीएम कटघोरा द्वारा भू-राजस्व विभाग गेवरा क्षेत्र एवं सरपंच व पार्षद की सदस्यता वाली एक संयुक्त समिति गठित करने की सलाह दी गई। इस संयुक्त समिति द्वारा हितग्राहियों की सूची तैयार कर महाप्रबंधक गेवरा क्षेत्र से अनुमोदन उपरांत रिक्तता के आधार पर वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही करेगा। ठेका कंपनी द्वारा किसी भी ग्रामवासियों / हितग्राही को नियोजित अथवा बर्खास्त नहीं किया जायेगा। इसका संपूर्ण अधिकार महाप्रबंधक, गेवरा क्षेत्र के पास सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा कंपनी में 70:30 प्रतिशत के अनुपात में रोजगार दिया जाना सुनिश्चित करने को कहा गया है जिसमें 70 प्रतिशत कंपनी अपने उपयोगिता के अनुसार चयन कर सकेगा एवं 30 प्रतिशत क्षेत्रीय ग्रामवासियों को लेना अनिवार्य रहेगा। इस संबंध में महाप्रबंधक, गेवरा क्षेत्र द्वारा अन्य क्षेत्र में दिये जाने वैकल्पिक रोजगार की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर समुचित कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया।