कोरबा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर, कोरबा को ज्ञापन सौंपकर फार्म -7 का दुरूपयोग कर फर्जी शिकायत करने वाले (अज्ञात) व्यक्तियों के विरूद्ध जांच एवं दंडात्मक कार्यवाही की मांग की गई है। इस साजिश के खिलाफ सुन्नी मुस्लिम जमात की अगुवाई में 9 फरवरी को मौन जुलूस निकाला जाएगा।
आवेदन में कहा गया है कि-
यह गंभीर विषय आपके संज्ञान में लाया जा रहा है कि छ.ग. राज्य की मतदाता सुची 2025 की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ज्ञात हुआ कि कतिपय शरारती व्यक्तियों द्वारा कोरबा विधानसभा के मतदाता सूची से फार्म 7 में गलत जानकारी भरकर जिला निर्वाचन कार्यालय कोरबा में यह लिखकर आक्षेप किया गया है हमारे वार्ड मोहल्ले से अमुक व्यक्ति स्थान पर नही रहता है या स्थायी तौर पर स्थानांतरित हो गया है, इस जानकारी की विधिवत् जांच पड़ताल किये बिना बूथ स्तर पर अल्प संख्यक समुदाय के लोगो का नाम मतदाता सूची 2026 से विलोपित किये जाने की जानकारी मिली है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत मतदाता सुची के सम्बंध में जानबूझकर झूठा बयान देना या गलत जानकारी देना एक दण्डनीय अपराध है, जिसमें कारावास और आर्थिक दण्ड का प्रावधान है।
अल्प संख्यको और विशेष समुदायों को लक्षित करके थोक में (BULK) फार्म-7 जमा करना एक सुनियोजित चुनावी साजिश की ओर इशारा करता है, यह निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर बाधा डालने का प्रयास है।
हम मांग करते हैं कि निर्वाचन कार्यालय उन सभी व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक करे जिन्होंने ये फार्म 7 जमा किए हैं। यह जांचना आवश्यक है कि क्या वे शिकायतकर्ता वास्तव में उसी क्षेत्र के निवासी हैं या फर्जी पहचान का उपयोग कर रहे हैं, इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करना अनिवार्य है।
आवेदकों ने कहा है- हमारी मांग है कि उन सभी फार्म-7 आवेदनों की उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच कराई जाये और शिकायतकर्ताओं को भौतिक रूप से आहुत कर उनके दावों की पुष्टि की जाए। यदि जांच में शिकायतें झूठी पायी जाती है तो जिला प्रशासन सम्बंधित व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत् तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करे ।
जब तक शिकायतकर्ता के दावों की शत-प्रतिशत पुष्टि नही हो जाती है और प्रभावित मतदाताओं का पक्ष नही सुना जाता, तब तक किसी भी मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए । क्योंकि (SIR) प्रक्रिया में (BLO) के द्वारा घर-घर दस्तक देकर सक्रियता से मतदाताओं से गणना पत्रक (एन्यूमरेशन फार्म) और घोषणा पत्र पहुंचा कर मतदान केन्द्रवार संकलित किये हैं। त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण हेतु निर्वाचन आयोग के द्वारा अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी जिसमें सम्बंधित जिसके कमिश्नर नगर निगम के अलावा 103 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में तहसीलदार एव नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी शामिल रहे हैं।
अतः माननीय महोदय से निवेदन है कि लोकतंत्र की मर्यादा को बनाए रखने हेतु इन संगठित गिरोह के षडयंत्रकरी व्यक्तियों को बेनकाब कर उनके विरूद्ध कठोरतम दण्डात्मक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने की कृपा करें।











