कोरबा। जिले में केन्द्र सरकार से पहले ही तंबाकू उत्पादों के थोक व्यापारियों ने सिगरेट,गुटखा, गुड़ाखू सहित अन्य तंबाकू उत्पाद के दाम बढ़ा दिए हैं। एक तरह से पुराने दर पर खरीदे गए सामानों की बिक्री में कालाबाजारी की जा रही है। इसका सीधा असर बजट से पहले ही उपभोक्ताओं की जेब पर पढ़ने लगा है।
तंबाकू उत्पाद के थोक विक्रेताओं के द्वारा प्रति पैकेट में 10 से 50-80 रुपये तक की वृद्धि कर दी गई है जिसकी वजह से चिल्हर विक्रेता दुकानदारों के द्वारा भी पैकेट के साथ-साथ प्रति नग के दर पर बिक्री किए जाने वाले सिगरेट, गुटखा गुड़ाखू व अन्य तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। आम उपभोक्ताओं की जेब पर 2 से लेकर 8 रुपए तक का भार बढ़ गया है। दुकानदारों का मानना है कि सरकार का बजट 1 फरवरी 2026 को आने वाला है और अभी सरकार ने टैक्स बढ़ाया नहीं है लेकिन इसका आंकलन जरूर अनुमानित तौर पर कर लिया है लेकिन सरकार द्वारा दाम बढ़ाए जाने से पहले ही थोक विक्रेताओं के द्वारा इस तरह से पुराने दर पर खरीदे गए सामानों को ज्यादा कीमत में बेचे जाने से वे अवैधानिक रूप से आय अर्जित कर रहे हैं जो कि गलत है।
सरकार के द्वारा कीमतें लागू करने के बाद नई खरीदी पर बढ़े हुए दर से सामान की खरीदी-बिक्री होनी चाहिए किंतु ऐसा नहीं हो रहा है और कोरबा जिले में भी तंबाकू उत्पादों की शॉर्टिंग बताकर कालाबाजारी की जा रही है। पुराना माल जानबूझकर रोक कर रखा गया है।
👉🏻तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ेगा सरकार ने पान-मसाला, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नए उत्पाद शुल्क और उपकर (Cess) लगाने का फैसला किया है। इसके लागू होते ही इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य न सिर्फ राजस्व बढ़ाना है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से इन उत्पादों की खपत को भी हतोत्साहित करना है।
KORBA कालाबाजारी: तम्बाखू उत्पादों की कीमत में उछाल, बजट से पहले ही बढ़ाए दाम









