0 साजिश रचने वालों के खिलाफ कराया जायेगा एफआईआर
कोरबा। कोरबा में एसआईआर के तहत जिन लोगों के द्वारा फॉर्म 7 का दुरूपयोग करते हुए मतदाताओं के नाम कटवाने का प्रयास किया गया, उनके खिलाफ कार्यवाही कराने के लिए मुस्लिम समाज द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सुन्नी मुस्लिम जमात द्वारा शहर में 5 स्थानों पर कैंप लगाकर विलोपन की सूची में शामिल मतदाताओं की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है, साथ ही मामले में षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायत पत्र भी तैयार किया जा रहा है।
सुन्नी मुस्लिम जमात के अध्यक्ष हाजी एखलाख खान ने बताया कि कोरबा विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के सर्वे के उपरांत मतदाताओं के नाम सूची में प्रकाशित होने के बाद एक साजिश के तहत अधिकांश मुस्लिम और ईसाई मतदाताओं के नाम विलोपित करने के लिए हजारों की संख्या में फॉर्म 7 भर कर निर्वाचन कार्यालय में जमा किये गए। इसके बाद जिन मतदाताओं के नाम विलोपन के लिए जारी सूची में दर्ज थे, उनकी परेशानी को देखते हुए सुन्नी मुस्लिम जमात द्वारा 5 फरवरी से अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाने की शुरुआत की गई है। इसमें पहुंचने वाले मतदाताओं के नाम और अन्य डिटेल दर्ज करने के बाद उनकी तरफ से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भी लिखवाया जा रहा है, जिनके द्वारा नाम विलोपित करने के लिए फर्जी तरीके से फॉर्म 7 भरकर जमा किया गया है। सुन्नी मुस्लिम जमात के अध्यक्ष हाजी एखलाख खान ने बताया कि ये कैंप 3 दिनों तक लगाए जायेंगे।

हाजी एखलाख खान ने कहा है कि जिस तरीके समाज के लोगों के नाम चुन-चुनकर मतदाता सूची से विलोपित करवाने के लिए षड्यंत्र रचा गया, उसे रोकने के लिए जरुरी हो गया है कि ऐसे लोगों के नाम उजागर करते हुए उनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई कराई जाये, अन्यथा आगे भी इसी तरह की साजिशें होती रहेंगी। उन्होंने बताया कि पुरानी बस्ती के अलावा अलग-अलग कुल 5 स्थानों पर इस तरह के कैंप 7 फ़रवरी तक लगाए जा रहे हैं। इनमें पुरानी बस्ती कोरबा स्थित मुस्लिम जमात खाना (7000511126, 8319360335), मुड़ापार स्थित गौसे आजम मस्जिद परिसर (9827952686), गेरवाघाट (टीपी नगर) स्थित मस्जिद आला हजरत (8770290664 ), बुधवारी आरा मशीन पारा स्थित शाही नूरी मस्जिद परिसर (7828680353)और घंटाघर चौक में निशा कॉम्प्लेक्स स्थित कैंप (7587311786) शामिल है, जहां विलोपन के लिए प्रस्तावित सूची में शामिल लोग संपर्क कर सकते हैं।







