0 प्रभावित ग्रामीणों ने दी SECL गेवरा क्षेत्र में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
कोरबा-गेवरा। एस.ई.सी.एल. (SECL) गेवरा क्षेत्र और पी.एन.सी. कंपनी की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध होकर ग्राम-नराईबोध एवं मनगाँव के ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए घोषणा की है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं तो 10 फरवरी 2026 से कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप्प कर दिया जाएगा ।
धार्मिक भावनाओं और पुश्तैनी भूमि का अपमान
ग्रामीणों का आरोप है कि पी.एन.सी. कंपनी के कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके पुश्तैनी गाँवों की भूमि पर खनन कार्य शुरू कर दिया इस प्रक्रिया में न केवल उनकी जमीन प्रभावित हुई बल्कि उनके पूर्वजों की अस्थियों मठों और पवित्र धार्मिक स्थलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है ग्रामीणों ने इसे अपनी आस्था और संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया है ।
ग्रामीणों की प्रमुख माँगें:-
- उचित मुआवजा:- मृतकों के परिजनों को कंपनी की नीति के अनुसार किराया-भाड़ा सहित त्वरित मुआवजा राशि का भुगतान ।
- वैकल्पिक रोजगार:- भूमि अर्जन के बदले ग्राम-नराईबोध के प्रभावित निवासियों को सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार ।
- मठों का संरक्षण:- क्षतिग्रस्त किए गए मठों और धार्मिक स्थलों के सम्मान की बहाली ।
प्रशासन को घेरा:- ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक और एस.ई.सी.एल. प्रबंधन को लिखित शिकायत सौंपी है ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं लेकिन प्रबंधन की अनदेखी ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है ।
चेतावनी दी गई है कि अगर 10 तारीख तक हमारी जायज मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो गेवरा क्षेत्र में कोयला खदानों का चक्काजाम कर दिया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और कंपनी की होगी ।








