👉🏻 मामला- बिना आरोप पत्र निलम्बन और निर्वाह भत्ता न देने का,मची है खलबली
👉🏻 शिकायतों के बाद भुगतान किया किन्तु निलम्बन अवधि में क्यों नहीं…?
कोरबा। जिला शिक्षा विभाग में चल रही मनमानी का खामियाजा प्रधान पाठिका पुष्पा कमल (आदिवासी) को भुगतना पड़ रहा है। बिना आरोप पत्र दिए निलंबन से लेकर एकतरफ़ा बहाली और निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता नहीं देने का मामला विभाग में सुर्खियां तो बना ही है लेकिन अब बात पुलिस तक पहुंच चुकी है। पीड़िता ने 13 मार्च को विद्यालय में घटित घटना, हस्ताक्षर के लिए रजिस्टर नहीं देने,अधिकारी द्वारा मना करने के कारण उत्पन्न हो रहे विवाद से अपनी जान पर खतरा बताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उसने रजगामार पुलिस चौकी में आवेदन देने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। अधिकारीद्वय की निरंतर संवादहीनता के कारण उनसे उनका पक्ष नहीं जाना जा सकता है।
👉🏻 नियमों से परे जाकर किया निलम्बन…?

निलंबन करने के अधिकार को लेकर भी सवाल उठे हैं सामान्य प्रशासन विभाग के उस निर्देश का हवाला दिया गया है जिसमें आरोप पत्र पर प्रभारी अधिकारी को किसी भी तरह से हस्ताक्षर नहीं करने का निर्देश है। वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी (मूल पद प्राचार्य) टीपी उपाध्याय जिला शिक्षा अधिकारी के प्रभार में हैं और इस नियम के तहत वे हेडमास्टर को निलंबित नहीं कर सकते और न ही वे अपने हस्ताक्षर से आरोप पत्र जारी कर सकते हैं।
👉🏻 निर्वाह भत्ता नहीं रोक सकते

सामान्य प्रशासन विभाग के ही एक अन्य आदेश में उल्लेख है कि निलंबन अवधि का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाएगा, यदि मुख्यालय से अनुपस्थित है फिर भी। इस नियम का उल्लेख करते हुए पीड़िता ने संभाग आयुक्त से भी की शिकायत की है।
👉🏻 शिकायतों के बाद जारी किया निर्वाह भत्ता की राशि
खंड शिक्षा अधिकारी कोरबा के द्वारा 13 मार्च को जारी किए गए आदेश में जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान कर दिए जाने का हवाला दिया गया है। इस पत्र में कहा गया है कि कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा का आदेश क्रमांक /7710/शिका./ निलंबन / 2025-26 कोरबा दिनांक 24.11.2025 के श्रीमती पुष्पा कमल प्रधान पाठक प्राथमिक शाला बनखेता के विरुद्ध सरपंच ग्राम पंचायत मुदुनारा के द्वार शिकायत किया गया। शिकायत की जांच विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक ग्रामीण कोरबा द्वारा किया गया। प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में शिकायत की पुष्टि किये जाने पर इन्हे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी करतला निर्धारित किया गया, जिसके कारण इनका अंतिम वेतन प्रमाण पत्र को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी करतला प्रेषित किया गया। श्रीमती पुष्पा कमल के द्वारा मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी करतला निर्धारित होने पर भी इनके द्वारा कार्यभार ग्रहण नही किये जाने के कारण इन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान नहीं किया गया। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा का आदेश क्रमांक /10876 / निलंबन /2025-26 कोरबा दिनांक 27.02.2026 के द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय जांच लंबित रखते हुए निलंबन से बहाल किया जाकर एकल शिक्षकीय शाला प्राथमिक शाला सोलवा विकासखण्ड कोरबा में पदस्थ करते हुए इनका जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान किये जाने हेतु निर्देशित किये जाने के उपरांत कार्यालयीन देयक क्रमांक 819,820,821 दिनांक 06.03.2026 के द्वारा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान किया गया है। किन्तु श्रीमती पुष्पा कमल के द्वारा निलंबन से बहाल हो जाने के उपरांत प्राथमिक शाला सोलवा विकासखण्ड कोरबा में आज दिनांक तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है।
👉🏻 मामला सलटाने की कोशिश में लगे बिचौलिए
अभी इस मामले में जहां शिक्षा विभाग के अधिकारी घिर गए हैं तो दूसरी तरफ मामले को सलटाने के लिए प्रधान पाठिका और विभागीय अधिकारियों के बीच की कड़ी का काम बिचौलिए करने में जुट गए हैं। बताया जाता है कि प्रधान पाठिका को किसी भी तरह से (राजनीतिक-प्रशासनिक व अन्य) मनाने की कोशिश की जा रही है। तर्क दिया जा रहा है कि निलंबन अवधि में भले ही निर्वाह भत्ता न दिया गया हो लेकिन अब तो एकमुश्त राशि दे दी गई है इसलिए यहीं पर मामला रफा-दफा कर दिया जाए, फिर उन्होंने अपनी बहाली भी कर ली है तो मामला खत्म कर दिया जाए। दूसरी तरफ प्रधान पाठिका ने स्पष्ट किया है कि वह काफी प्रताड़ित हो रही हैं और अपने अधिकार की लड़ाई हर स्तर तक लड़ेंगी।






