कोरबा-गेवरा। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नरईबोध एवं अन्य ग्रामों के विस्थापितों ने वैकल्पिक रोजगार सहित पुनर्वास की मांगों को लेकर गेवरा खदान के साथ-साथ पीएनसी कंपनी के कार्य को बंद करा दिया है।
प्रबंधन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके ग्रामीणों ने कहा है कि उनकी नियुक्तियों और पुनर्वास की मांगों को तुरंत पूरा किया जाय।
क्या है मुख्य विवाद?
ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि 18 मार्च 2026 को 5 ड्राइवरों और 5 जनरल मजदूरों को तत्काल जॉइनिंग दी जाएगी साथ ही 5 अन्य व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पर रखा जाएगा प्रबंधन के लिखित वादे के बावजूद 25 मार्च तक किसी भी ग्रामीण को जॉइनिंग नहीं दी गई है। लगातार मिल रहे झूठे आश्वासनों से ग्रामीणों ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि कार्य बाधित होने से होने वाले किसी भी नुकसान की समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी ।
प्रमुख मांगें:-
पूर्व लिखित समझौते के अनुसार सभी 15 व्यक्तियों को तत्काल जॉइनिंग दी जाए स्थायी रोजगार मुआवजा और पुनर्वास की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो विस्थापितों के साथ किए गए वादों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ।
हम वर्षों से अपनी जमीन और आजीविका खोकर न्याय का इंतजार कर रहे हैं प्रबंधन ने लिखित वादा करके भी हमें ठगा है अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है ।




