👉🏻मौसम अलर्ट :-अगले 24 घंटों में बलौदाबाजार, बेमेतरा, दुर्ग, गौरेला पेंड्रा मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, कोरबा, महासमुंद, रायपुर, सक्ती में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है
👉🏻बिलासपुर में ट्रांसफॉर्मर डूबे, स्कूल लबालब, नदी-नाले उफान पर…
👉🏻ओवरफ्लो सड़कों से गुजरना बना जानलेवा, मस्तूरी फोरलेन का वीडियो आया सामने
बिलासपुर। जिले में गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर शहर को मानो जलमग्न कर दिया। महज कुछ घंटों की बारिश ने दो दशक का रिकॉर्ड तोड़ते हुए शहर को बाढ़ जैसे हालात में धकेल दिया। पॉश कॉलोनियों से लेकर निचली बस्तियों तक पानी ही पानी नजर आया। कई घरों और दुकानों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे लाखों रुपये का घरेलू सामान और व्यापारिक सामग्री खराब हो गई। हालात ऐसे बने कि कई परिवार सुबह का भोजन भी नहीं बना सके, क्योंकि घरों में चूल्हे तक नहीं जल पाए।

लगातार बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की भी पोल खोल दी। शहर के अधिकांश नाले उफान पर आ गए और सड़कों व नालों का अंतर ही खत्म हो गया। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर जलमग्न सड़कों से गुजरने को मजबूर रहे। कई स्थानों पर सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
👉🏻रेलवे ट्रैक डूबे, ट्रेनें रद्द… स्कूलों में पानी भरने से छुट्टी
भारी बारिश का असर रेलवे और शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा। रेलवे ट्रैक पानी में डूब जाने से पांच मेमू ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि तीन ट्रेनों का मार्ग बदला गया। कई स्कूलों के परिसर और कक्षाओं में पानी भर गया, जिसके चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी घोषित करनी पड़ी।
👉🏻ट्रांसफॉर्मर पानी में डूबे, कई इलाकों में ब्लैकआउट
बारिश के कारण कई बिजली ट्रांसफॉर्मर जलमग्न हो गए। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे रातभर से लोग अंधेरे में रहे। बिजली बंद होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ी।
दोमुहानी में टापू बने घर, रातभर फंसे रहे परिवार
👉🏻दोमुहानी में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया। दस से अधिक मकान चारों ओर से पानी से घिरकर टापू में बदल गए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों सहित कई परिवार पूरी रात घरों में फंसे रहे। राहत दल का इंतजार करते इन परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती रही।
👉🏻40 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, नावों से सुरक्षित निकाले गए लोग
सरकंडा, चांटीडीह और बंधवापारा जैसे निचले इलाकों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रहे। एसडीआरएफ की टीम ने नावों की मदद से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटा रहा।
👉🏻अरपा चेक डैम की नहर टूटी, कई बस्तियों में घुसा पानी
लगातार बारिश के दबाव से अरपा चेक डैम की नहर टूट गई, जिससे देवरीखुर्द, मानिकपुर सहित आसपास के इलाकों में तेज़ी से पानी घुस गया। कई मोहल्लों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
👉🏻कलेक्टर बंगले में भी घुसा पानी : बारिश का असर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी जलभराव हो गया, जहां नगर निगम की टीम मोटर पंप लगाकर पानी निकालने में जुटी रही। इससे शहर में जलभराव की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
👉🏻24 घंटे में औसतन 74.7 मिमी बारिश, सीपत सबसे आगे
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 110.2 मिमी बारिश सीपत में रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा मस्तूरी में 96.2 मिमी, सकरी में 95.4 मिमी, बिलासपुर तहसील में 90 मिमी, तखतपुर में 83.4 मिमी, रतनपुर में 80.4 मिमी, पचपेड़ी में 72.5 मिमी, बोदरी में 67.3 मिमी, बिल्हा में 67 मिमी, कोटा में 47.2 मिमी, बेलतरा में 46 मिमी और बेलगहना में 41.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार एक जून से अब तक जिले में 325.1 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो पिछले दस वर्षों के औसत का लगभग 92.4 प्रतिशत है।
👉🏻 प्रशासन ने जारी की चेतावनी
जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के रपटों, पुल-पुलियों और पानी से लबालब सड़कों को पार नहीं करने की अपील की है। श्रीकांत वर्मा मार्ग, महाराणा प्रताप चौक, एसबीआर कॉलेज लेन, गौरव पथ, ईदगाह चौक, मस्तूरी मार्ग, भारती नगर, मुंगेली नाका और सरकंडा सहित कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव बना हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। साथ ही कच्चे मकानों को हुए नुकसान पर तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आरबीसी 6(4) के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है।
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