बिलासपुर। जंगलों के साँपों से कम, इंसानों के भीतर छिपे “आस्तीन के साँप” ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। सरकारी मुआवजे की लालच में ऐसी फर्जी कहानियां गढ़ी गईं कि जिन मौतों का सांपों से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें भी स्नेक बाइट बताकर ‘कमाई का जरिया’ बना डाला। जहर किसी नाग के दांतों में नहीं, बल्कि लालच में निकला। फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाकर सांपों के नाम पर मुआवजा बटोरा गया और अब एक-एक कर वही ‘आस्तीन के साँप’ सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं।
👉🏻 पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला मुआवजा खेल

स्नेक बाइट से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर सरकारी मुआवजा दिलाने के मामले में पुलिस ने सिम्स की तत्कालीन चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। तोरवा थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि उन्होंने कम से कम दो मामलों में मौत का कारण सांप के काटने को दर्शाते हुए कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट तैयार की थी।
👉🏻शिकायत के बाद जांच में खुली परतें
तहसील कार्यालय के नायब नाजिर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और स्नेक बाइट से मौत होने की रिपोर्ट दी गई थी। जांच में रिपोर्ट संदिग्ध मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।
👉🏻परिजन और वकील पहले ही पहुंच चुके हैं जेल
इस प्रकरण में मृतकों के परिजन और एक अधिवक्ता सहित तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी तथा अधिवक्ता रंजीत कुमार चतुर्वेदी शामिल हैं। वहीं इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे अधिवक्ता श्रवण वस्त्रकार अभी भी फरार हैं।
👉🏻एक और केस में बढ़ेंगी मुश्किलें
डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाना में भी अलग से अपराध दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को भी स्नेक बाइट बताया गया था, जबकि जांच में मौत का वास्तविक कारण हार्ट अटैक पाया गया। इस मामले में भी पुलिस डॉक्टर से प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ करेगी।
👉🏻पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
साल 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर सेवन से हुई मौत को स्नेक बाइट बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में भी डॉ. प्रियंका सोनी, मृतक के परिजन और एक वकील को गिरफ्तार किया गया था।
👉🏻15 मामलों की जांच अब भी जारी
पुलिस के मुताबिक जिले में स्नेक बाइट के नाम पर मुआवजा लेने के 15 संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। इनमें 4 से 5 अन्य डॉक्टर भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।







