कोरबा। कहते है अगर हौसला बुलंद हो और सही समय पर सही मदद मिल जाए तो बड़े से बड़े संकट को भी पार किया जा सकता है। एैसी ही कहानी ग्राम नवापारा, जटगा विकासखण्ड पोंडी उपरोड़ा के सुनील कुमार पोया आत्मज संतोष सिंह 18 वर्ष की है। जब सुनील 08 वर्ष के थे तब से सांस फूलने, धीरे धीरे सांस लेन, थकना संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे, उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता था, वजन दिनप्रतिदिन कम हो रहा था। उनके माता पिता उनकी परेशानियों को देखकर बहुत दुखी थे। उन्होने उसका जगह जगह उपचार कराकर थक गए थे। जब सुनील कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत थे तो आरबीएसके टीम बच्चों का स्वास्थय जॉंच करने पहूॅंची।
सुूनील का जॉंच करते हुए डॉ.कौशिक ने बताया कि सुनील को हृदय रोग संबंधी समस्या हो सकती है। उसे जॉंच हेतु चिरायु कैंप कटघोरा लेकर जाना होगा। कटघोरा में सुनील का इको चेकअप हुआ तो उसे आरएचडी (रूमेटिक हार्ट डिसीज) संबंधी हृदय की गंभीर बिमारी से ग्रसित थे। इसके साथ ही उन्हे अन्य कई पेरशानियॉं थी जैसे सीवियर एमएस/सीवियर एआर। चिरायु टीम ने उसके पिता को बताया कि बच्चे की स्थिती बिगड़ सकती है इसका ऑपरेशन कराना आवश्यक है । किन्तु पिता ने इसे नजर अंदाज करते हुए करीब 1 वर्ष तक आयुर्वेेदिक तथा हर्बल लाईफ की दवा खिलाते रहे। बच्चे की हालत में सुधार न होने पर आरबीएसके टीम के चिकित्सकों ने उन्हे प्रेरित किया कि वे अपने बच्चे का ऑपरेशन करा लें बच्चा स्वस्थय हो जाएगा।पहले तो पिता ने कहा कि वह बहुत गरीब है उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकता है तो उसे डॉक्टर ने बताया कि यह ऑपरेशन राष्ट्रीय बाल स्वास्थय कार्यक्रम के तहत निःशुल्क किया जाएगा उसके बाद वे राजी हुए। चिरायु टीम पोंड़ी उपरोडा के विशेष प्रयासों से सुनील को रेफर कर एमएमआई नारायाणा हॉस्पीटल रायपुर में हृदय की डीवीआर सर्जरी र्(डबल वाल्व रिप्लेसमेंट) दिनाक20.05.2026 को डॉक्टरों की अनुभवी टीम ने बेहद कुशलता से किया, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और सुनील अब पूरी तरह स्वस्थय हैं।
सुनील के सफल ऑपरेशन के बाद उनके माता और पिता बेहद खुश है, उन्होंने कहा है कि एक गरीब परिवार के लिए दिल के इतने बड़े ऑपरेशन का खर्च उठाना नामुमकिन था लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थय विभाग के द्वारा चिरायु योजना के अंतर्गत मेरे पुत्र के पूरे इलाज, जॉंच और ऑपरेशन का जिम्मा सरकार द्वारा उठाया गया। मै प्रशासन और स्वास्थय विभाग का आभारी हॅू।







