👉🏻स्कूलों में पुस्तकों का इंतजार, ट्रक भर नई किताबें कबाड़ी के गोदाम पहुंचने का वीडियो वायरल
रायपुर/कोरबा। एक ओर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी नई शैक्षणिक सत्र शुरू होने के कई महीने बाद भी एनसीईआरटी (NCERT) की मुख्य विषयों की पुस्तकें नहीं मिलने से परेशान हैं। सितंबर से त्रैमासिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन हजारों छात्र अब भी बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नई NCERT पुस्तकों से भरा ट्रक कबाड़ी के गोदाम में उतारा गया।
वीडियो के वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में दिखाई जा रही समग्र शिक्षा की हिंदी की पुस्तकें नई हैं,सरकारी वितरण के लिए थीं, तो यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी संसाधनों की बड़ी अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत माना जा रहा है।
इधर, छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई जिलों से पहले ही शिकायतें मिल रही हैं कि हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान सहित कई विषयों की पुस्तकें स्कूलों तक नहीं पहुंची हैं। अनेक विद्यालयों में विद्यार्थियों को फोटोकॉपी, पुराने संस्करण की किताबों अथवा ब्लैकबोर्ड के सहारे पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे समय में नई किताबों के कबाड़ी तक पहुंचने का दावा पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़ा करता है।
शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि यदि यह वीडियो सत्य है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि किताबें किस गोदाम या संस्था से निकलीं, उन्हें कबाड़ी तक किसने पहुंचाया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
👉🏻वीडियो की लोकेशन की पुष्टि नहीं, लेकिन ट्रक पर उत्तर प्रदेश का नंबर
सोशल मीडिया पर जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वह वायरल वीडियो किस स्थान का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई दे रहे ट्रक पर उत्तर प्रदेश (UP) का पंजीयन नंबर नजर आ रहा है। हालांकि, प्रायः बड़े मालवाहन ऑल इंडिया परमिट के होते हैं इसलिए यह कहना सम्भव नहीं कि इसका नाता छत्तीसगढ़ से है या उत्तर प्रदेश से,या किसी और प्रदेश से लेकिन जो भी है, वो गैरकानूनी हुआ है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वीडियो कहां का है, ट्रक में रखी पुस्तकें किसकी हैं, उन्हें कबाड़ी तक क्यों ले जाया गया और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? (सोशल मीडिया इंस्टाग्राम वीडियो सोर्स)




