बोलीं- अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ता, व्यवस्थाओं में सुधार की सराहना; सोनोग्राफी विशेषज्ञ और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
कोरबा-पाली। विकासखंड स्तरीय शासकीय अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पाली में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लेने नगर की पार्षद एवं स्वास्थ्य विभाग की सभापति श्रीमती दीप्ति दीपक शर्मा ने आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, डॉक्टरों की उपलब्धता, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सहित मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने वर्तमान व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि पहले की अपेक्षा अस्पताल की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, कुछ कमियों को लेकर उन्होंने बीएमओ को आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए।
सभापति श्रीमती शर्मा ने ओपीडी, प्रसूति कक्ष, टीकाकरण केंद्र, दवा वितरण कक्ष और आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की समय पर उपस्थिति संतोषजनक मिली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार को लेकर उनका फीडबैक भी लिया।
अब छोटी बीमारियों के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं

निरीक्षण के दौरान एल्डरमैन रामबिलास जायसवाल ने बताया कि अब छोटी-छोटी बीमारियों के उपचार के लिए जिला अस्पताल कोरबा या निजी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती। अस्पताल में डॉक्टर समय पर उपलब्ध मिलते हैं, निःशुल्क दवाएं मिल रही हैं और स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार भी सहयोगात्मक है।
उन्होंने बताया कि पाली के इस शासकीय अस्पताल में केवल छोटी-मोटी बीमारियों का ही नहीं, बल्कि बड़ी और गंभीर बीमारियों का भी उपचार किया जा रहा है और मरीज स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। दांत, हड्डी, महिला संबंधी बीमारियों के साथ बच्चों से जुड़ी बीमारियों और आंखों का उपचार भी अस्पताल में उपलब्ध है। संस्थागत प्रसव की सुविधा भी बेहतर हुई है और सुरक्षित प्रसव में अब किसी तरह की समस्या नहीं हो रही है।
बीएमओ डॉ. अनिल सराफ के नेतृत्व में बदली तस्वीर

स्वास्थ्य विभाग की सभापति श्रीमती दीप्ति दीपक शर्मा ने कहा कि विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल सराफ के पदभार संभालने के बाद स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्थाओं में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उनके द्वारा नियमित निरीक्षण, स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों का असर दिखाई दे रहा है। इससे संस्थागत प्रसव और टीकाकरण कवरेज में भी बढ़ोतरी हुई है। निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि वर्तमान में अस्पताल में 9 डॉक्टर, 1 महिला रोग विशेषज्ञ, 10 नर्सिंग स्टाफ और 9 सफाई कर्मी उपलब्ध हैं। इससे ओपीडी, प्रसूति और आपातकालीन सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
सोनोग्राफी विशेषज्ञ और पार्किंग व्यवस्था की कमी सामने आई

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कुछ कमियां भी सामने आईं। गर्भवती महिलाओं के लिए सोनोग्राफी की सुविधा है, लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा अस्पताल की पार्किंग व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त मिली। गार्ड की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय इलाज के लिए आने वाली महिलाओं के साथ महिला स्टाफ को भी परेशानी होती है। इस पर सभापति श्रीमती शर्मा ने बीएमओ डॉ. अनिल सराफ को पार्किंग व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने तथा सोनोग्राफी विशेषज्ञ की उपलब्धता के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
मरीजों से व्यवहार भी इलाज का हिस्सा
सभापति श्रीमती दीप्ति शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की सक्रियता से लोगों में शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने बीएमओ डॉ. सराफ से स्पष्ट कहा कि क्षेत्र की जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और मरीजों की हरसंभव मदद करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बीएमओ सहित समस्त स्टाफ की जिम्मेदारी है कि मरीजों और उनके परिजनों के प्रति सहानुभूति रखें तथा उनके साथ उचित व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि मरीज की आधी बीमारी तो स्वास्थ्य कर्मियों के अच्छे व्यवहार से ही ठीक हो जाती है।
निरीक्षण के दौरान नपं पार्षद श्रीमती ज्योति उईके, पार्षद सुनील साहू, दीपक शर्मा, नरेंद्र शर्मा, दीपक डिक्सेना सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।





