👉🏻 प्रकरण पुनः ओपन कर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने एसडीएम से गुहार
कोरबा-कटघोरा। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कटघोरा के प्रकरण क्र. 202010050200001 प्रकरण वर्ष 2020-21 प्रकरण 170 ख में जालसाजी धोखाधडी कर भूमि का उपभोग करने एवं दो न्यायालय में प्रकरण दर्ज करा कर न्यायालय को गुमराह करने के मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना को पत्र सौंपा गया है।
बताया गया कि एसडीएम के न्यायालय में आवेदक कृष्ण कुमार निवासी नवागांव कटघोरा के द्वारा प्रकरण शीर्ष अ-23 प्रकरण दर्ज दिनांक 12.10.2020 में शिकायत कर भू-राजस्व संहिता की धारा 170 ख के अंतर्गत भूमि गैर आदिवासी के नाम पर दर्ज कराने के लिए एक जाली दस्तावेज प्रस्तुत कर कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया। नवागांव स्थित अस्पताल के पीछे करोडो की आदिवासी जमीन को काबिज अनिल अग्रवाल पिता राधेश्याम अग्रवाल निवासी नवागांव कटघोरा के द्वारा छल कपट और शहर के मुख्य जगह के जमीन को हथियाने के लिए कानून को हासिये पर रखकर धोखाधडी किया गया।
आवेदक कृष्ण कुमार पिता रामजी जाति गोड़ निवासी ग्राम नवागांव द्वारा ग्राम नवागांव प.ह.न. 26/10 तहसील कटघोरा की भूमि खसरा नं 66/2 रकबा 1.82 एकड़ आवेदक की भूमि स्वामी हक की भूमि थी।
👉🏻 बीपीएल कार्डधारी के नाम जमीन
प्रकरण में छल कपट पूर्वक रजिस्ट्री कराकर उस जमीन पर 40 करोड रूपये के मकान, राईस मिल एवं अन्य औद्योगिक संस्थान स्थापित कर लिया जबकि 2020 में प्रकरण दर्ज होने के बाद न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी के द्वारा नगर पालिका, विद्युत विभाग एवं अन्य विभागों से नल बिल, संपत्ति कर एवं बिजली बिल की मांग कर न्यायालय आर्डर शीट में नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि संपूर्ण उपभोग अनावेदक अनिल अग्रवाल एवं उनके भाईयों के द्वारा करोडो की जमीन हथियाकर अनावेदक दुलीराम जो खुद बी.पी.एल. कार्ड धारी है और ग्राम-बांगो का रहने वाला एक मजदूर है। उसके नाम पर अनावेदक अनिल अग्रवाल द्वारा आवेदक के जमीन को रातों-रात छल कपट कर रजिस्ट्री करा ली। प्रकरण में दुलीराम ने स्वयं स्वीकार किया कि मैं इस जमीन के बारे में नहीं जानता और अनिल अग्रवाल के द्वारा न्यायालय को गुमराह करने के लिए आयुक्त न्यायालय बिलासपुर में राजस्व प्रकरण क्रमांक 2021002990100013/64/अ-23/2020-21 न्यायालय में दर्ज कराया गया। आवेदक क्र. 5 को इस प्रकरण में अनावेदक बनाया गया, जबकि उपरोक्त अनुविभागीय अधिकारी न्यायालय, कटघोरा में अनिल अग्रवाल सहित 1 से लेकर 5 तक अनावेदक बने थे। मामला 170 ख का था आदिवासी भूमि को गैर आदिवासी के उपभोग का था।
👉🏻 न्यायालय को हथियार बना कर मंसूबों को अंजाम दिया
आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में अनिल अग्रवाल सहित उनके भाईयों के द्वारा फर्जी तरीके से न्यायालय को हथियार बनाकर अपने मनसूबो को अनजाम दिया। फर्जीवाड़ा का इससे बड़ा उदाहरण और कहीं नहीं होगा। सन् 2022 में न्यायालय आयुक्त बिलासपुर में दर्ज प्रकरण को वापिस लिया एवं न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी कटघोरा कार्यालय में चल रहे प्रकरण को स्थगित कराने में सफलता प्राप्त कर लिया और बी.पी.एल. कार्ड धारी दुलीराम से अपने तीसरे पक्षकार दानेन्द्र प्रताप सिंह पिता बालेश्वर प्रताप सिंह के नाम पर पुनः एक और रजिस्ट्री करा ली।
इस पूरे प्रकरण में आवेदक कृष्ण कुमार पिता रामजी जाति गोड़ निवासी ग्राम नवागांव द्वारा ग्राम नवागांव प.ह.न. 26/10 तहसील कटघोरा को न्यायालय व्यवहार संहिता 170ख के तहत् न्यायालय को गुमराह कर कृष्ण कुमार के भूमि को फर्जीवाडा कर अनिल अग्रवाल द्वारा न्यायिक संहिता को विफल कर दिया। अभी वर्तमान में भूमि मालिक दानेन्द्र प्रताप सिंह पिता बालेश्वर प्रताप सिंह निवासी कटघोरा के नाम पर भूमि कराकर अपना 40 करोड से ऊपर का औद्योगिक संस्थान और मकान स्थापित किया है। कोरबा जिला भारत के राजपत्र में पांचवी अनुसूची में आता है और अनिल अग्रवाल बंधुओं ने न्यायालय के प्रकरण को स्थगित कराकर अपने फर्जीवाडा को अंजाम दिया। कटघोरा एसडीएम से आग्रह किया गया है कि पुनः उपरोक्त प्रकरण को जांच में लाकर सम्बंधित लोगों पर भारतीय दण्ड संहिता के तहत् कड़ी कार्यवाही की जाय।
कटघोरा में आदिवासी जमीन के लिए न्यायालय को गुमराह करने का आरोप, BPL के नाम करोड़ों की जमीन कैसे…!







