कोरबा-कटघोरा। न्यू बस स्टैंड के पास संचालित मुरली होटल को बंद कराने संबंधी शिकायत को लेकर पत्र व खबर आम होने के बाद अधिवक्ता संघ कटघोरा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। 25 जुलाई को संघ के सचिव यदुनंदन प्रसाद जायसवाल द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मुरली होटल के संबंध में एसडीएम कटघोरा को सौंपा गया शिकायत पत्र अधिवक्ता संघ द्वारा जारी नहीं किया गया था।
दरअसल, मुरली होटल को बंद कराने के संबंध में अधिवक्ता संघ के लेटरहेड, सील एवं हस्ताक्षरयुक्त पत्र के माध्यम से एसडीएम कटघोरा को शिकायत किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामले को लेकर संघ ने तत्काल कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर पूरे विषय पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि उक्त शिकायत पत्र जारी करने संबंधी कोई प्रस्ताव न तो कार्यकारिणी और न ही संघ की साधारण सभा द्वारा पारित किया गया है। इसके बाद संघ ने उक्त पत्र से अपना संबंध होने से साफ तौर पर इनकार किया है।
👉🏻लेटरहेड, सील और हस्ताक्षर के इस्तेमाल पर उठे सवाल
अधिवक्ता संघ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार एसडीएम कटघोरा को मुरली होटल के संबंध में शिकायत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इस पर संघ ने बैठक कर मामले की वास्तविक स्थिति जानी। बैठक में शिकायत पत्र जारी करने संबंधी किसी प्रस्ताव के पारित नहीं होने की बात सामने आने के बाद संघ ने स्पष्ट किया कि उक्त पत्र संघ द्वारा जारी नहीं किया गया है।
इस सफाई के बाद मुरली होटल को बंद कराने संबंधी उस शिकायत पत्र को लेकर नया सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर अधिवक्ता संघ के लेटरहेड, सील और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किसने और किस आधार पर किया। अध्यक्ष का सील उन्हें अंधेरे में रख कर लगवाया गया, या कोई तरीका आजमाया गया, यह स्पष्ट नहीं है। हालांकि संघ के में पत्र जारी करने वाले व्यक्ति का नाम अथवा इस संबंध में किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है।








