रायपुर/कोरबा। प्रदेश में विधि व्यवसायरत अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ 11 सूत्रीय मांग पत्र रविन्द्र कुमार पाराशर अध्यक्ष, छ.ग. राज्य विधिज्ञ परिषद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री विष्णुदेव से मिलकर सौंपा। मुख्यमंत्री ने मांगों के संदर्भ में आश्वस्त किया है।
छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद के अध्यक्ष श्री पाराशर ने बताया कि प्रदेश में विधि व्यवसायरत लगभग 36 हजार अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ योजनाओं का क्रियान्वयन किये जाने हेतु मुख्यमंत्री से सकारात्मक चर्चा हुई है।
प्रमुख तौर पर प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किये जाने की मांग रखी गई।
👉🏻 मांग पत्र के जरिये मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि-
प्रदेश में विधि व्यवसायरत अधिवक्ताओं के कर्तव्यों के सम्यक संचालन की संरक्षा को सुनिश्चित करने तथा उस पर पूर्वाग्रह से की जाने वाली कार्यवाही हेतु दण्डित करने से संरक्षित किये जाने बाबत् प्रदेश में भी छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक है जिसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद की न्यासी समिति द्वारा छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक, 2020 के प्रारूप के खण्ड-5 के खण्ड-3 को दिनांक 2 मार्च 2026 को विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव जी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अनुमोदित किया जा चुका है जिसका आगामी विधान सभा सत्र में पारित किया जाना मात्र शेष है अतः कर्नाटक एवं तेलंगाना राज्य में पूर्व से ही लागू अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम के तर्ज में छत्तीसगढ़ राज्य में भी छत्तीसगढ़ अधिवक्ता संरक्षण विधेयक, 2020 लागू किया जाना अति आवश्यक है।
- मृत्युदावा राशि में वृद्धि किये जाने बाबत्।
प्रदेश के अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु मृत्युदावा राशि वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि से 1.50 लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना से 1.50 लाख रूपये की राशि मृतक अधिवक्ता के आश्रित सदस्य को दिया जाता है, जिसमें बढ़ती हुई महंगाई दर को देखते हुए राशि 1 लाख की वृद्धि करते हुए कमशः छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा अधिवक्ता कल्याण निधि से 2.50 लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना से 2.50 लाख रूपये की राशि प्रदान किया जाना उचित होगा। - परिषद के संचालन हेतु कार्पस फण्ड प्रदान किये जाने बाबत् :-
- लायर्स अकादमी की स्थापना हेतु राशि प्रदान किये जाने बाबत् :-
- परिषद के विस्तार पटल कार्यालय का जीर्णोद्धार करते हुए विश्राम गृह का निर्माण किये जाने बाबत।
- प्रदेश के अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु सामुहिक बीमा योजना लागू किया जाये-
- प्रदेश के अधिवक्ता संघों में अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराया जाये
- प्रदेश के अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण हेतु प्रतिवर्ष 1 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष प्रदान की जाये-
- अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु पेंशन एवं छात्रवृत्ति योजना लागू किया जाये-
- प्रदेश के अधिवक्ताओं को मुफ्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराया जाये-
- टोल टेक्स में छूट प्रदान करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग की प्रोटोकाल लिस्ट में परिषद का नाम शामिल किये जाये।






