जांजगीर-चाम्पा। बजट 2026 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के जारी बजट, आंकड़ों का पुलिंदा साबित हुआ। ऐसा कहने के पीछे तर्क है कि छत्तीसगढ़ राज्य बना 2000 में उस समय बजट-4994 करोड़ था, वर्तमान में राज्य का बजट 172000 करोड़ हैं जिसे तुलनात्मक अध्ययन कर 35 गुना अधिक बताया, फिर भी यह दिन में तारे दिखाने वाला बजट लगा।
जहाँ युवा इंतजार कर रहे थे, मोदी की गारंटी के तहत 57000 शिक्षक भर्ती को लेकर, युवाओं को इस बजट में निराशा हाथ लगाl
इस वर्ष बजट को ” ज्ञान का कल्याण ” नाम से सुशोभित किया गया है, लेकिन पिछले वर्ष “गति की रणनीति” फैल हुआl
स्कूल में लाइब्रेरी नहीं और ग्रंथपाल की भर्ती नहीं जबकि छत्तीसगढ़ में पुस्तकालय अधिनियम 2008 से लागू, लेकिन स्कूल में “पुस्तकालय” के लिए “ज्ञान के कल्याण” में स्थान नहीं दिया गयाl
यह बजट संकल्प थीम पर आधारित हैं, इस(SANKALP) का आशय:-
S- समावेशी विकासl
A- अधोसंरचनाl
N- निवेशl
K- कुशल मानव संसाधनl
A- अंत्योदयl
L- लाइवलीहुडl
P- Policy से परिणामl
इस रूप में समझाया, लेकिन छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ नागरिकों को फिर ख्वाबों के दर्शन कराया गयाl
“ग्रंथालय प्रशिक्षित हम युवाओ को, 33 नालंदा फेर का जाल फेंका गयाl
स्कूल में छात्र वंचित, पुस्तकालय के दर्शन कोll”
—> राज कुमार चंद्रा <—
सह समन्वयक, सोशल मीडिया
छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कॉंग्रेस




