👉🏻 अनियमितता को लेकर शिकायत व PIL के मध्य जांच महत्वपूर्ण
कोरबा। कोरबा जिले में डीएमएफ की राशि को लेकर अनियमितताओं की लगातार हो रही शिकायतों के बीच शासन द्वारा गठित जांच टीम 14 जनवरी को कोरबा आ रही है। संबंधित पक्षों के लोग सहित आम जन भी टीम के सामने अपनी बात रख सकते हैं।
कोरबा जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के कुप्रबंधन के संबंध में दायर शिकायत की उपेक्षा के संबंध में, नए पीएमकेकेकेवाई दिशा-निर्देशों के तहत और नए दिशा-निर्देशों में सुझाए गए प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल कार्रवाई का अनुरोध (कोरबा, छत्तीसगढ़ में डीएमएफटी का कुआवंटन और कुप्रबंधन) के संदर्भ में जाँच हेतु 3 सदस्यीय दल गठित किया गया है। यह दल आज 14 जनवरी 2026,बुधवार को सुबह 11बजे जिला कार्यालय कोरबा में उपस्थित रहेगा। तत्संबंध में संबंधित अधिकारी / कर्मचारी को निर्धारित समयावधि में संबंधित दस्तावेज के साथ उपस्थित रहने हेतु निर्देशित करने सम्बन्धी पत्र सम्भाग आयुक्त के द्वारा कोरबा कलेक्टर को प्रेषित किया गया है।
✍🏻 जांच समिति में ये हैं शामिल,15 दिन में देना होगा रिपोर्ट
अवर सचिव छग शासन खनिज साधन विभाग रायपुर से प्राप्त पत्र दिनांक 16 सितंबर 2025 के संबंध में गठित जाँच समिति में
- हरिशंकर चौहान, उपायुक्त (विकास) कार्यालय आयुक्त बिलासपुर संभाग
- श्रीमती स्मृति तिवारी, उपायुक्त (राजस्व) कार्यालय आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर
- श्रीमती स्मिता पाण्डेय, लेखाधिकारी, कार्यालय आयुक्त बिलासपुर संभाग बिलासपुर शामिल हैं। उक्त समिति को जाँच कर 15 दिवस के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिचित करने निर्देशित किया गया है।
👉🏻 हाईकोर्ट में दी गई जानकारी
DMF के दुरुपयोग को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को जानकारी दी कि शिकायत की जांच के लिए बिलासपुर संभाग आयुक्त द्वारा एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने बताया कि जांच समिति की अध्यक्षता उपायुक्त (विकास), बिलासपुर संभाग करेंगे। समिति को कोरबा जिले में डीएमएफ फंड के उपयोग, स्वीकृत योजनाओं, व्यय प्रक्रिया और नियमों के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की गहन जांच का दायित्व सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
👉🏻हो चुकी है शिकायत
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की शुरुआत खनन मंत्रालय, भारत सरकार के अवर सचिव द्वारा 20 नवंबर 2024 को भेजे गए पत्र से हुई थी, जिसमें डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। इस पत्र के आधार पर बिलासपुर संभाग आयुक्त ने मामले को कोरबा कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया था।





