😱अवैध शराब की धरपकड़ बना ऊपरी कमाई का जरिया
रायगढ़/बिलासपुर। आबकारी और पुलिस महकमा यूं ही बदनाम नहीं होते। सरकार जो अभियान चलाती है, शीर्ष अधिकारी जो निर्देश देते हैं, उसका फायदा उठाकर अवैध रूप से कमाई करने का जरिया इस तरह की कार्रवाई में चंद लोग उठाकर न सिर्फ अपने महकमे बल्कि सरकार को भी बदनाम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों के कारण ही सरकार पर महकमे पर तोहमत लगता रहता है कि सब भ्रष्ट हैं और मिले हुए हैं तथा जनता इस सरकार में गलत/झूठी कार्रवाई/भयादोहन से लुटने को मजबूर है।
अवैध शराब से जुड़े दो मामले सामने आए जिनमें एक आबकारी उप निरीक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया तो दूसरी तरफ दो आरक्षकों ने कार्रवाई की बजाय छोड़ दिया और जप्त शराब को ले जाकर अवैध रूप से स्वयं बेचने लगे।
☝🏻 पहला मामला रायगढ़ जिले का
दरअसल, सुनीत टोप्पो, निवासी धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि 19 अगस्त को धरमजयगढ़ के आबकारी उप निरीक्षक संतोष कुमार नारंग द्वारा ग्राम पंडरी महुआ गांव में उसके मां के निवास स्थान पर जाकर, तुम लोग शराब बनाते हो कहने लगा।

आबकारी उप निरीक्षक के द्वारा घर का सामान चेक करने लगे। उसी दिन उप निरीक्षक संतोष कुमार नारंग ने कुछ कागज में उसकी मां का हस्ताक्षर भी ले लिया और उसके बाद उसे और उसकी मां को कड़ी कार्रवाई से बचने के लिए 50,000 रुपए रिश्वत की मांग करने लगा।
पीड़ित रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत की जाँच कर एन्टी करप्शन ब्यूरो ने आज ट्रेप आयोजित कर आबकारी उप निरीक्षक को 50,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् कार्रवाई की जा रही है।
✌🏻 दूसरा मामला बिलासपुर का
बिलासपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार- दिनांक 26.08.2025 को थाना रतनपुर के आरक्षक संजय खांडे एवं सुदर्शन मरकाम द्वारा सादी वर्दी में, थाना प्रभारी के संज्ञान में लाये बिना, बालाबाला ग्राम सिल्ली मोड़ स्थित कुआंजती गांव में शराब रेड कर बिना कार्यवाही के छोड़ दिया गया। इस प्रकार प्रथम दृष्ट्या आरक्षकों का आचरण संदिग्ध एवं अनुशासनहीनतापूर्ण पाये जाने पर दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र, बिलासपुर सम्बद्ध किया गया है। इन्हें निलंबन अवधि में निलंबन के नियमानुसार वेतन एवं भत्ते देय होंगे।
बताया जा रहा है कि इन दोनों आरक्षक के द्वारा जप्त की गई शराब को खुद ही गांव में ले जाकर अवैध रूप से बचने की कोशिश की जा रही थी। इस वक्त गांव वालों ने इन्हें पकड़ लिया और मामला पुलिस अधिकारी तक पहुंचा।
