0 मवेशियों की देखभाल में लापरवाही मिली,बछड़े की मौत,कुत्ते नोच रहे थे
कोरबा। नगर निगम के गौठान में आवारा मवेशियों की दुर्दशा उजागर होने के बाद व सभापति नूतन सिंह ठाकुर की चेतावनी उपरांत थाना में गौठान के ठेकेदार के विरुद्ध FIR दर्ज करा दी गई है।
इस मामले में अनिरूद्ध प्रताप सिंह पिता स्व.विरेन्द्र बहादुर सिह उम्र 61 वर्ष, नगर निगम कोरबा में राजस्व अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि जिला जेल कोरबा के पीछे स्थित गोकुल नगर खरमोरा में नगर पालिक निगम के द्वारा आवारा मवेशियों के रख-रखाव, देखभाल के लिए गोठान बनाया गया है। दिनांक 13.08.2025 को सायं सभापति से सूचना प्राप्त होने पर गोठान का निरीक्षण किया गया। गोठान में एक बछड़ा मृत पाया गया था।
वर्तमान में नगर निगम के गोठान में रसीद खान को नगर निगम की ओर से ठेका दिया गया है, जिसकी देखरेख रसीद खान के द्वारा मजदूर लगाकर किया जाता है। रसीद खान के द्वारा प्रतिदिन दो मजदूर की ड्यूटी गोठान में लगाई जाती थी। रसीद खान के द्वारा गोठान में बछड़ा की उचित देखभाल नहीं करने, सही समय पर ईलाज नहीं कराने के फलस्वरूप बछड़े की मृत्यु हुई है। मृत बछड़े को आसपास के कुत्तो के द्वारा खाया जा रहा था जो घोर लापरवाही को दर्शाता है। अनिरूद्ध प्रताप सिंह की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाना, रामपुर में रसीद खान के विरुद्ध धारा 291 बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
0 क्यों नहीं दिया वेतन, क्या उजागर होगा दाना घोटाला…? संचालक कोई और…!
गौठान की अव्यवस्था उजागर होने के बाद आनन-फानन में ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई है। दूसरी तरफ, यह सवाल अब भी जांच का विषय है कि आखिर इन मवेशियों के कोटना में चारा और पानी क्यों नहीं था, क्या नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा मवेशियों की आड़ में चारा-पानी का घोटाला किया गया है? यह बात सामने आई है कि 6 माह से यहां के कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया तो, क्या वजह थी वेतन नहीं देने की?वेतन के अभाव में गौठान के कार्य से हाथ खींच लिया था तो क्या इसकी जानकारी निगम के सम्बन्धित अधिकारी को नहीं थी? यदि थी,तो उन्होंने व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी?
इस बीच पुष्ट सूत्रों के हवाले से यह अपुष्ट जानकारी निकलकर सामने आई है कि इसी साल जून के महीने से इस गौठान के संचालन का जिम्मा एक भाजपा नेत्री के करीबी को दिया जा चुका है। वैसे, यह अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं किया जा रहा है, न रिकार्ड में है। सवाल है कि गौठान में ले जाने वाले मवेशियों का कोई भी रिकॉर्ड क्यों नहीं रखा गया? क्या आने वाले दिनों में पुलिस विवेचना की कड़ी में गौ तस्करी भी शामिल होगी, क्या विवेचना आगे बढ़ाने के साथ-साथ इस मामले में घोटालेबाजों पर भी गाज गिरेगी और प्रकरण में आरोपी के साथ-साथ धाराएं जुड़ेंगे या फिर चारा-पानी घोटाला का कोई दूसरा मामला पृथक से दर्ज कराया जाएगा?
0 क्या कहती है बीएनएस की धारा 291
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 291 पशु के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण से संबंधित है। यह धारा उन व्यक्तियों को दंडित करती है जो अपनी देखरेख में रखे गए पशु के साथ लापरवाही से पेश आते हैं, जिससे मानव जीवन या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगने का खतरा हो सकता है।
धारा 291 बीएनएस के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से अपने कब्जे में मौजूद किसी पशु के साथ ऐसे उपाय करने में विफल रहता है जो मानव जीवन के लिए किसी संभावित खतरे या ऐसे पशु से गंभीर चोट के किसी संभावित खतरे से बचाने के लिए पर्याप्त हैं, तो उसे दंडित किया जाएगा।