केस डायरी समीक्षा के बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी और विवेचक को 500-500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
कोरबा/सारंगढ़-बिलाईगढ़। पुलिस विभाग में विवेचना के दौरान वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों का पालन नहीं करने पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने यह सख्त रुख अपनाया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के डोंगरीपाली थाना अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की केस डायरी की समीक्षा के दौरान सामने आई लापरवाही पर थाना प्रभारी और विवेचक पर 500-500 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार थाना डोंगरीपाली के अपराध क्रमांक 18/26, धारा 20-बी, 29 एनडीपीएस एक्ट की केस डायरी की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि रेंज कार्यालय से जारी परिपत्र क्रमांक 09/2026 के निर्धारित फार्मेट के अनुसार कथन लेखबद्ध नहीं किए गए थे। इस संबंध में विवेचक/थाना प्रभारी से 18 जुलाई 2026 तक स्पष्टीकरण चाहा गया था, लेकिन निर्धारित समय तक जवाब भी प्राप्त नहीं हुआ।
आदेश में इसे वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों का पालन नहीं करना बताते हुए गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता की श्रेणी में माना गया।
मामले में थाना प्रभारी सज्जन भगवती कुंवर तथा विवेचक छोटेलाल सिदार पर कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी पर कथन निर्धारित फार्मेट में लेखबद्ध नहीं कराने और विवेचक की त्रुटि पर ध्यान नहीं देने के लिए 500 रुपए अर्थदंड लगाया गया। वहीं विवेचक छोटेलाल सिदार पर निर्धारित फार्मेट में कथन लेखबद्ध नहीं करने तथा परिपत्र का पालन नहीं करने के लिए 500 रुपए अर्थदंड लगाया गया है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सारंगढ़ मुख्यालय की उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती संतोषी ग्रेस द्वारा भी थाना स्तर पर परिपत्र क्रमांक 09/2026 के पालन के संबंध में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाना गंभीर पर्यवेक्षकीय त्रुटि है। इस पर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सारंगढ़ को उनके लिए “आश्वस्तता” व्यक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
IG की इस कार्रवाई को विवेचना में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी पर जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





