👉🏻2×660 मेगावाट परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार, न्यूनतम वेतन और प्रदूषण नियंत्रण की मांग
कोरबा। 2×660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट (CSPGCL कोरबा वेस्ट, दर्री) में स्थानीय युवाओं को रोजगार सहित श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कोरबा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अंकित वर्मा ने BHEL के प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र सौंपकर 15 दिनों के भीतर समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अंकित वर्मा ने बताया कि उनका ज्ञापन तो ले लिया गया लेकिन, पावती देने से प्रोजेक्ट मैनेजर सी.साहू ने इनकार कर दिया।
अंकित वर्मा ने पत्र में कहा है कि परियोजना में BHEL के साइट ऑफिस और संयंत्र निर्माण कार्य के दौरान नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने स्थानीय प्रभावितों की मांगों को सामने रखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा गया है कि परियोजना में रोजगार के लिए स्थानीय शिक्षित और अशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा बाहर से लोगों को लाने के बजाय स्थानीय बेरोजगारों को काम दिया जाए।
इसके साथ ही प्लांट परिसर और कार्यस्थल पर ‘संयंत्र सुरक्षा अधिनियम’ (Plant Security Act) के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। श्रमिकों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का पूरा भुगतान करने और किसी भी श्रमिक का आर्थिक शोषण नहीं होने देने की बात भी पत्र में कही गई है।
अंकित वर्मा ने श्रमिकों के लिए उचित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं (Medical Benefits) उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
👉🏻स्थानीय गाड़ियों को काम देने की मांग
पत्र में स्थानीय गाड़ी मालिकों का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप लगाया गया है कि प्लांट के काम में बाहर से लाई गई गाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने बाहर की गाड़ियों को हटाकर स्थानीय गाड़ियों को काम में लेने की मांग की है।
👉🏻बैचिंग प्लांट के प्रदूषण पर भी सवाल
अंकित वर्मा ने पत्र में परिसर में संचालित बैचिंग प्लांट के वैधीकरण और प्रदूषण नियंत्रण का मुद्दा उठाया है। पत्र के अनुसार, प्लांट के पास जरूरी अनुमतियां (Permissions) नहीं होने का आरोप है और इस संबंध में नवंबर 2025 में विभिन्न खबरें प्रकाशित हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से निकलने वाले डस्ट (प्रदूषण) के कारण स्थानीय पर्यावरण और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। पत्र में प्रबंधन से प्लांट की वैध Pollution Permission प्रक्रिया पूरी करने तथा प्रदूषण रोकने के लिए डस्ट सेप्रेशन, स्प्रिंकलर आदि उचित तकनीकी इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
👉🏻15 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
पत्र के अंत में अंकित वर्मा ने 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उपरोक्त समस्याओं का तत्काल निराकरण नहीं किया गया, श्रम नियमों का पालन और बेवॉचिंग प्लांट की परमिशन व प्रदूषण नियंत्रण के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय युवाओं और श्रमिकों द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने 1 सितम्बर 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर होने वाले किसी भी आंदोलन या कार्य बंद की संपूर्ण जिम्मेदारी BHEL प्रबंधन और साइट कार्यालय की होगी।






