👉🏻 तीन जगहों पर शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत, पंचायत के प्रस्ताव के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
👉🏻80 साल पुराने दशहरा उत्सव स्थल पर अतिक्रमण से रामलीला मंचन की जगह हुई संकरी
👉🏻कलेक्टर से सरकारी जमीन मुक्त कराने और कथित अतिक्रमण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 17 अक्टूबर को प्रस्तावित कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रामपुर प्रवास से पहले ग्राम पंचायत रामपुर में शासकीय जमीनों पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत रामपुर के माध्यम से जिलाधीश को सौंपे गए शिकायत आवेदन में गांव की तीन अलग-अलग जगहों पर सरकारी भूमि पर कब्जे और निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले ने शासकीय भूमि की सुरक्षा, पंचायत के प्रस्तावों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
👉🏻दशहरा चौक में निर्माण से पारंपरिक आयोजन स्थल प्रभावित
सरपंच द्वारा की गई शिकायत में ग्राम रामपुर निवासी विवेदका नंदे, पिता स्व. जगदीश प्रसाद नंदे पर दशहरा चौक स्थित रामचंद्र अग्रवाल गली में मकान निर्माण के दौरान सामने की ओर अनावश्यक विस्तार कर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप है।इससे आम निस्तारी में परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के समय ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आरोप है कि उन्होंने नोटिस लेने से इनकार करते हुए कथित तौर पर कहा कि नोटिस नहीं लूंगा, जो करना है कर लो। इसके बाद भी निर्माण जारी रहने की बात शिकायत में कही गई है।
इस मामले का एक अहम पहलू गांव के पारंपरिक दशहरा उत्सव से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, रामपुर में लगभग 80 वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित होता आ रहा है। जिस स्थान पर कथित अतिक्रमण की बात कही गई है, वहां पहले रामलीला नाटक का मंचन किया जाता था। अब निर्माण के कारण आयोजन स्थल संकरा हो जाने से पारंपरिक कार्यक्रमों के आयोजन पर असर पड़ने की बात कही गई है।उक्त बेजा कब्जे को हटाने के लिए ग्राम पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जा चुका है और इसे पंचायत के प्रस्ताव क्रमांक में दर्ज भी बताया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव की जनभावना और निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी अतिक्रमण हटाने के पक्ष में हैं।
👉🏻मटन बाजार के लिए प्रस्तावित जमीन पर बाउंड्रीवाल
दूसरा मामला रामपुर से मिनगांव-सक्ती मार्ग पर स्थित बड़े झाड़ के जंगल मद की शासकीय भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि विवेदका नंदे द्वारा इस जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत रामपुर की ग्रामसभा की बैठक दिनांक 17 सितंबर 2026 के प्रस्ताव में उक्त भूमि को मटन बाजार के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके बावजूद उसी भूमि पर कथित तौर पर जबरन बाउंड्रीवाल निर्माण कर कब्जा करने की बात आवेदन में कही गई है।
कुछ दिन पहले उक्त प्रस्तावित मटन बाजार की भूमि पर मंदिर बनवाने की बात का प्रचार-प्रसार किया गया था। आशंका जताई गई है कि धार्मिक आस्था को आधार बनाकर भूमि पर कब्जा करने और निजी स्वार्थ साधने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में संबंधित व्यक्ति के जमीन की खरीद-बिक्री के कारोबार से जुड़े होने का उल्लेख करते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
आवेदन में मटन बाजार के लिए प्रस्तावित भूमि पर राम मंदिर बनवाने की बात कहे जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने इसे हिंदू आस्था के विरुद्ध बताते हुए इस पहलू की भी जांच करने की मांग की है।
👉🏻अस्पताल के पीछे बड़े झाड़ के जंगल मद की जमीन पर भी निर्माण का मामला
तीसरी शिकायत ग्राम पंचायत रामपुर के अस्पताल के पीछे स्थित शासकीय भूमि को लेकर है। आरोप है कि बड़े झाड़ के जंगल मद की इस भूमि को विवेदका नंदे ने मूरितलाल सारथी से खरीदा है, जो वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रामपुर में प्राचार्य के पद पर पदस्थ बताए गए हैं। उक्त जमीन पर वर्तमान में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यदि शासकीय सेवा में रहते हुए संबंधित भूमि पर कब्जा कर उसकी बिक्री की गई है, तो इस पहलू की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। आवेदन में विवेदका नंदे द्वारा कथित रूप से शासकीय जमीन खरीदने और आगे दूसरे लोगों को बेचने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि अस्पताल के पीछे की उक्त भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत को निर्माण अथवा सार्वजनिक उपयोग के लिए सुपुर्द किया जाए, ताकि उसका इस्तेमाल गांव के हित में किया जा सके।
👉🏻पंचायत का प्रस्ताव, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
शिकायत आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत रामपुर की बैठक में अतिक्रमण हटाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया है। सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना ग्रामीणों के बीच नाराजगी का कारण बन रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि दशहरा चौक, मटन बाजार के लिए प्रस्तावित भूमि और अस्पताल के पीछे स्थित शासकीय जमीन की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कराई जाए। भूमि की वास्तविक स्थिति, स्वामित्व, सीमांकन, निर्माण की वैधता और कथित खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए।






