👉🏻 पूर्व की ग्रामसभा ने जिन्हें अपात्र माना,इस सभा में पात्र कैसे..?
👉🏻 आर्थिक लाभ कमाने सरकारी धन की चपत, और योजना का बंटाधार करने तत्पर पंचायत प्रतिनिधि
कोरबा। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सांसद आदर्श ग्राम तिलकेजा में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। पात्रों को जहां आवास के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ती है, उनके लिए जारी आवास का पैसा इधर-उधर गबन कर लिया जाता है तो कई आवास वर्षों से अधूरे पड़े हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री आवास के लिए जिन्हें तिलकेजा की ग्राम सभा ने पहले अपात्र माना था, उन अपात्र लोगों में से 66 लोगों को इस साल हुई ग्राम सभा में पात्र बता दिया गया। प्रथम किस्त की राशि भी जारी कर दी गई। अभी प्रधानमंत्री आवास की राशि जारी हुई है, बाद में और भी किस्तों का भुगतान कराया जाकर मनरेगा से मजदूरी का भी भुगतान करा लिया जाएगा। समय पर इस मामले की जांच के साथ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। साथ ही पंचायत, आवास विभाग और मनरेगा के बीच काम कर रहे सिंडिकेट को भी बेनकाब करना चाहिए।
शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू का गंभीर आरोप है कि जनपद कोरबा के ग्राम पंचायत तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 18 जुलाई 2024 की ग्रामसभा में जिन 66 हितग्राहियों को अपात्र घोषित किया गया था, उन्हें 14 अप्रैल 2026 की ग्राम सभा में नई कार्यवाही पंजी तैयार कर दोबारा पात्र घोषित कर दिया गया। आरोप है कि इसके बाद जून माह में सभी को 40-40 हजार रुपये की प्रथम किस्त भी 48 से अधिक खातों में जारी कर दी गई।
👉🏻 फर्जी कार्यवाही तैयार करने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि 18 जुलाई 2024 की ग्रामसभा में कुल 214 हितग्राहियों की सूची का परीक्षण हुआ था, जिसमें सरकारी नौकरी, पक्का मकान, अन्य आवास अथवा पूर्व में योजना का लाभ लेने जैसे कारणों से कई लोगों को अपात्र घोषित किया गया था। आरोप है कि 14 अप्रैल 2026 को नई कार्यवाही तैयार कर उसी सूची में बदलाव कर दिया गया।
👉🏻 एफआईआर दर्ज करने और राशि वसूली की मांग
शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को दिए आवेदन में सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कूटरचना, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, जारी राशि की शत-प्रतिशत वसूली करने तथा अपात्र हितग्राहियों की स्वीकृति तत्काल निरस्त करने की मांग भी की गई है।
🫵🏻 शिकायत में प्रमुख मांगें
- स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच दल का गठन किया जाए।
- फर्जी ग्रामसभा कार्यवाही तैयार करने वालों के खिलाफ
- आपराधिक प्रकरण दर्ज हो।
- 18 जुलाई 2024 में अपात्र घोषित 66 हितग्राहियों की स्वीकृति तत्काल निरस्त की जाए।
- जारी की गई पूरी राशि की वसूली कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पंचायत राज अधिनियम के तहत सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध कार्रवाई कर पद से पृथक किया जाए।
👉🏻जांच के बाद ही होगा सच सामने
फिलहाल यह मामला शिकायत के आधार पर सामने आया है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़ा जिले का बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला साबित हो सकता है। वहीं संबंधित पंचायत और अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।







