कोरबा। एक महिला ने अपने पति के खिलाफ वाट्सएप और इंस्टाग्राम पर अश्लील मैसेज भेजने, आपत्तिजनक फोटो और कमेंट पोस्ट करने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है। शिकायत में पति पर नाबालिग बच्चियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मानिकपुर चौकी पुलिस के अनुसार अश्थेश्वर रात्रे, निवासी कोरबा के खिलाफ उसकी पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक नवंबर 2025 में उसे पति और अन्य ससुराल वालों ने बच्चे सहित घर से निकाल दिया था। इसके बाद से वह अपने मायके में रह रही है।
शिकायत के अनुसार 12 अगस्त 2026 से अश्थेश्वर रात्रे अपने मोबाइल नंबर से लगातार उसकी मोबाइल पर वाट्सऐप के जरिए अश्लील और लज्जाजनक संदेश भेज रहा है। आरोप है कि आरोपी इंस्टाग्राम की अलग-अलग आईडी के माध्यम से भी आपत्तिजनक सामग्री, फोटो और कमेंट पोस्ट कर रहा है।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने सिर्फ उसे ही नहीं, बल्कि उसके भाई और मां को भी वाट्सऐप एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से अश्लील गालियां और आपत्तिजनक संदेश भेजे। शिकायत में आरोपी पर परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
👉🏻बच्चियों को लेकर दी धमकी
मामला तब और गंभीर हो गया जब शिकायत में आरोपी द्वारा परिवार की दो रिश्तेदार 4-5 साल की नाबालिग बच्चियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक धमकी देने का आरोप लगाया गया। महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने संदेशों के माध्यम से बच्चियों को रखैल बनाने की धमकी तक दी।
पीड़िता ने शिकायत के साथ आरोपी के मोबाइल से भेजे गए वाट्सऐप संदेशों और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए कथित अश्लील कमेंट्स व फोटो के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे हैं।
👉🏻नवंबर में घर से निकाले जाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक महिला का पति से विवाद चल रहा है। नवंबर 2025 में पति और अन्य ससुराल वालों ने उसे बच्चे सहित घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह मायके में रह रही है। महिला का आरोप है कि इसके बावजूद पति लगातार सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उसे मानसिक रूप से परेशान और अपमानित कर रहा है।
महिला ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई करने तथा अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों, सोशल मीडिया पोस्ट और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।





