😡ASI के बिगड़े बोल पर थाना घेरने की थी तैयारी, वरिष्ठों की समझाइश पर बात बनी
👉🏻 मामला पूर्व पति और पूर्व पत्नी के मध्य विवाद का
👉🏻 ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहा है पूर्व पति
कोरबा। शहर क्षेत्र में स्थित एक थाना में पदस्थ एएसआई के बिगड़े बोल ने थाना घेराव की नौबत ला दी थी। आज दोपहर में इस थाने का घेराव हो जाता लेकिन प्रकरण को लेकर वरिष्ठों के द्वारा मध्यस्थता किए जाने के कारण थाना का घेराव टाला जा सका। वहीं, थाना प्रभारी ने इस पूरे मामले में बेवजह परेशान हो रहे युवक की तरफ से आवेदन प्राप्त कर आश्वस्त किया है कि उसे बेवजह परेशान नहीं होने दिया जाएगा और न्याय मिलेगा।
दरअसल, मामला पति-पत्नी के आपसी विवाद से जुड़ा हुआ है और दोनों पक्ष की तरफ से प्रकरण तलाक हेतु न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद महिला के द्वारा अपने कुछ परिचितों को पीड़ित युवक के दुकान और कुछ मौके पर स्वयं सामने आकर अनर्गल विवाद उत्पन्न करते हुए अवैध वसूली की जा रही है। अभी धनतेरस के दिन भी पूर्व पत्नी के द्वारा उक्त पूर्व पति से रूपयों की मांग की गई जबकि पीड़ित युवक के द्वारा अंतरिम राहत के तौर पर न्यायालय द्वारा निर्धारित भरण पोषण की राशि पूर्व पत्नी को प्रदाय की जा रही है। पूर्व पत्नी के द्वारा दो-तीन बार बेवजह की शिकायत थाना में कर दी गई है और पुलिस महिला संबंधी अपराध होने के नाते प्राथमिकता देते हुए पूर्व पति का पक्ष सुने बगैर ही उसे कार्रवाई के दायरे में लाने को तत्पर नजर आती है। कुछ इसी तरह की तत्परता दिखाये जाने पर युवक की तरफ से उससे जुड़े कुछ वरिष्ठ लोगों के द्वारा थाना प्रभारी से चर्चा कर वास्तविकता से अवगत कराया गया। बताया गया कि जब मामला न्यायालय में लंबित है और न्यायालय के आदेश पर ही वह भरण पोषण की राशि पूर्व पत्नी को हर महीने प्रदान कर रहा है तो फिर ऐसे में बेवजह तंग करना कितना उचित है! थाना प्रभारी इस बात से संतुष्ट हुए और उन्होंने अपने मातहत को हिदायत दी कि किसी भी तरह से गलत शिकायत पर युवक को परेशान नहीं करना है और उनकी जानकारी के बगैर कोई भी कार्यवाही नहीं की जाएगी। इधर, दूसरी तरफ उक्त पूर्व पत्नी ने पूर्व पति के विरुद्ध एक और शिकायत की जिसे आधार बनाते हुए थाना प्रभारी के निर्देश की अवहेलना कर उक्त ASI अपने कुछ आरक्षकों के साथ युवक के यहां जा धमका। जब युवक ने अपने वरिष्ठों के हवाले की जानकारी देते हुए एएसआई को बताया कि टीआई साहब से बात हो गई है और उन्होंने आश्वस्त किया है तो फिर आने का क्या औचित्य? इस पर एएसआई तमतमा गया और उसने कहा कि टीआई से बात कर लिए हो तो क्या हुआ, मुझसे बात नहीं करोगे क्या… यहीं से घसीट कर थाना ले जाऊंगा तब पता चलेगा।
युवक के लिए यह बातें काफी आश्चर्यजनक थीं क्योंकि सीधे तौर पर टीआई के आश्वासन की अवहेलना हो रही थी। उसने तत्काल अपने वरिष्ठ लोगों को इस घटना से अवगत कराया वरिष्ठ को जानकारी मिली तो थाना का घेराव कर देने की सलाह दे डाली और यह इसलिए किया जाना जरूरी समझ गया क्योंकि बार-बार झूठी शिकायत पर युवक को परेशान किया जा रहा था, जबकि इस बारे में पुलिस अधिकारी से चर्चा हो चुकी थी। देखते-देखते 40 से 50 युवक थाना के आसपास इकट्ठा हो गए लेकिन इस बीच वरिष्ठ पदाधिकारी ने थाना में पहुंचकर थाना प्रभारी से सीधी चर्चा की और घटना से अवगत कराया। सत्यसंवाद को बताया गया कि थाना प्रभारी ने अपने कक्ष में बुलाकर ASI और उसके साथ गए आरक्षकों को जमकर फटकार लगाते हुए यहां तक कह दिया कि मेरी कुर्सी पर तुम ही लोग बैठ जाओ, मैं तुम्हारी जगह आ जाता हूं… आखिर, मेरे निर्देश की अवहेलना करने की हिम्मत कैसे की गई! थाना प्रभारी के द्वारा आश्वस्त किया गया कि ऐसी नौबत नहीं आएगी और किसी भी सूरत में बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। इस मामले में कई बार परेशान होने के बाद आखिरकार आज के घटनाक्रम उपरांत पूर्व पति ने अपना पक्ष रखते हुए थाना प्रभारी से लिखित शिकायत पूर्व पत्नी के विरुद्ध की है। बताया जा रहा है कि पूर्व पत्नी ने दूसरी शादी कर ली है और उसे भी छोड़ दिया है।ऐसे में प्रथम पति काफी हलाकान हो रहा है और उसकी मजबूरी व सीधेपन का फायदा उठाते हुए पूर्व पत्नी के बहकावे में आकर कुछ युवकों के द्वारा उसके दुकान में बार-बार जाकर तंग किया जा रहा है। अब देखना है यह है कि थाना प्रभारी से की गई शिकायत के बाद पूर्व पत्नी द्वारा दी जा रही प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का यह सिलसिला थमता है या नहीं और संबंधितों पर किस तरह की कार्रवाई होती है?




