👉🏻 अधिकारियों के नाम से वसूली कराने का दबाव की शिकायत
👉🏻 पूर्व में वायरल हो चुका है वीडियो, किन्तु सांठगांठ व संरक्षण से अब तक बचा है
👉🏻 कहता है- कमीशन तो देना पड़ेगा, सिस्टम में है.….तभी अगला किश्त जारी होगा
कोरबा। प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत जनपद पंचायत कोरबा में कार्यरत पूर्व प्रभारी ब्लाक समन्वयक अभिषेक चौरसिया के द्वारा की गई अवैध वसूली के संबंध में जांच कर कार्यवाही की मांग तेज हुई है। जिला पंचायत में तेज तर्रार और आईपीएस अधिकारी प्रतीक जैन की सीईओ पदस्थापना के बाद ऐसे भ्रष्ट मामलों में कार्रवाई की उम्मीद जागी है। लिहाजा,उस समय का चर्चित मामला एक बार फिर जांच के दायरे में लेने की मांग हुई है। सत्यसंवाद, लगातार आवास में घोटालों के मामलों को (जो ग्रामीणों के बीच से ही सामने आए हैं) उन्हें प्रमुखता से उजागर किया है। उस वक्त वसूली का वीडियो काफी वायरल रहा जिसे आप पुनः देख सकते हैं।
👉🏻 जनपद सभापति ने पुनः उठाया मामला, संरक्षण पर सवाल
कोरबा जनपद पंचायत के सभापति नंदकुमार कंवर ने 21अगस्त 2026 को जिला पंचायत सीईओ को लिखे पत्र में कहा है कि- जनपद पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना में ब्लाक समन्वयक का पद रिक्त होने पर अभिषेक चौरसिया तकनीकी सहायक को आवास योजना का प्रभारी ब्लाक समन्वयक का प्रभार सौंपा गया था। उक्त पद का दुरुपयोग कर अभिषेक चौरसिया द्वारा आवास में प्रगति लाने के बहाने सभी आवास मित्रों व रोजगार सहायको को फर्जी जीओ टेक कराकर आवास निर्माण की राशि में आधा-आधा हिस्सेदारी कर आवास निर्माण में बडा घोटाला किया गया है। अभिषेक चौरसिया प्रभारी ब्लाक समन्वयक की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर ग्राम पंचायत श्यांग के एक युवक ने अपने मोबाईल में वीडियो बनाकर वायरल कर श्री चौरसिया के कमीशनखोरी को उजागर करने का साहस किया जिससे आवास निर्माण में होने वाले अवैध कमीशन खोरी व घोटाले का मामला उजागर होकर सामने आया था।
वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जिला व जनपद प्रशासन द्वारा जांच कराया गया, जिसमें अभिषेक चौरसिया को पूर्ण रुप से संरक्षण प्रदान किया गया, जबकि वीडियों में ग्राम पंचायत श्यांग के रोजगार सहायक प्रकाश द्वारा अभिषेक चौरसिया को फोन पर बात करते हुए पाया गया था जिसमें अभिषेक चौरसिया द्वारा स्पष्ट रुप से राशि का मांग है। रोजगार सहायक को राशि वसूल कर लाने के लिए अभिषेक चौरसिया द्वारा दबाव बनाकर हितग्राहियों के घर भेजा जाता था। राशि वसूली नहीं करने पर रोजगार सहायक व अधीनस्थ कर्मचारियों को पद से पृथक करने का धमकी दिया जाता था। उक्त वसूली के लिए पूर्ण रुप से ब्लाक समन्वयक अभिषेक चौरसिया जिम्मेदार थे लेकिन जांच में उनको पूरी तरह क्लीन चिट दे दिया गया जिसके चलते आज भी गरीबो का हक डकारने वाले व भ्रष्ट अभिषेक चौरसिया कार्यालय में कार्यरत हैं व फल-फूल रहे हैं और निर्दोष सचिव व रोजगार सहायक को दण्डित कर जांच में लीपा-पोती किया गया। चूंकि उक्त वसूली की राशि से विभाग के अन्य अधिकारियों को भी हिस्सा जाता होगा। स्वामी और सेवक के सिद्धांत के अनुसार रोजगार सहायक द्वारा कार्य किया गया था, उक्त अवैध वसूली के जिम्मेदार अभिषेक चौरसिया हैं।
अभिषेक चौरसिया के कार्यकाल के दौरान जितने भी गरीब और कमजोर आवास हितग्राही थे, उन्हीं व्यक्तियों को चयन कर उनके आवास का फर्जी जीओ टेग कराकर उनके खाते से राशि निकलवाकर राशि को हड़प लिया गया है और आवास को पूर्ण बता दिया गया है। जबकि वास्तव में आवास अपूर्ण और अप्रारंभ है। ग्राम पंचायत लेमरु के आवास मित्र महबूब अली के साथ मिलकर ग्राम पंचायत लेमरु के आवास निर्माण में करोड़ों की राशि का घोटाला इनके द्वारा किया गया है।
अतः महोदय से अनुरोध है कि अभिषेक चौरसिया द्वारा की गई वसूली की वीडियो को पुनः जांच करने व विशेष रुप से पिछड़े क्षेत्र के ग्राम पंचायत श्यांग लेमरु, लबेद, गिरारी, अमलडीहा, चिर्रा, नकिया के आवासों की वास्तविक भौतिक स्थिति की जांच कर इनके ऊपर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए पद से पृथक करने का कष्ट करें।











