🫵🏻लोहे का पुल चोरी में था फरार, फर्जी बिल के मामले में कोर्ट में चोरी-चोरी कर रहा था सरेंडर
🫵🏻सीएसईबी पुलिस चौकी के मामले में न्यायालय से लाया गया पुलिस रिमांड पर,जेल दाखिल
कोरबा। पुलिस चौकी सीएसईबी अंतर्गत रसियन हॉस्टल के पास करीब 60 मीटर लंबे लोहे के पुल को काटकर चोरी वाले पुलिस के 5000 रुपए के ईनामी कबाड़ी मुकेश साहू को आखिरकार कानून की गिरफ्त में आना ही पड़ा। चोरी की घटना प्रकाश में आने के बाद मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी फरार हो गया था। उसके अग्रिम जमानत के लिए प्रयास में ओवर कॉन्फिडेंस और स्मार्टनेस के कारण पुलिस को फरार आरोपी को गिरफ्तार करने का अवसर मिल गया।
लोहे का पुल चोरी करने के मामले में पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर जांच किया जा रहा था। पुलिस द्वारा इस मामले में 2 नाबालिग सहित कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है । गिरोह का मुख्य सरगना मुकेश साहू फरार हो गया था। मुकेश साहू की तरफ से अधिवक्ता कमलेश साहू अग्रिम जमानत के लिए प्रयासरत रहे। इसी बीच कबाड़ चोर मुकेश साहू के विरुद्ध कोरबा न्यायालय में चल रहे धोखाधड़ी (फर्जी बिल प्रस्तुत करने) के मामले में न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया। अब हालात ऐसे बन गए कि यदि गिरफ्तारी वारंट जारी रहने की स्थिति में अग्रिम जमानत हेतु न्यायालय में आवेदन लगाया जाएगा तो न्यायालय से अग्रिम जमानत मिलना मुश्किल होगा ।
फिर,न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कराना आवश्यक हो गया। न्यायालयीन सूत्र बताते हैं कि मुकेश साहू भेष बदलकर बदलकर मुंह पर नकाब लगाकर, सिर ढंक कर न्यायालय में सरेंडर करवाया गया । उसके अधिवक्ता कमलेश साहू के माध्यम से न्यायालय में समर्पण कर जमानत की मांग की गई । न्यायालय द्वारा आरोपी का जमानत स्वीकृत कर जमानतदार प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। इसी बीच न्यायालय में आए हुए मुकेश साहू के किसी शुभचिंतक ने पुलिस को सूचना दे दी। खबर मिलते ही सीएसईबी चौकी प्रभारी व स्टाफ ने न्यायालय के बाहर चारों ओर घेराबंदी कर दी। मुकेश साहू को समझ में आ गया कि जैसे ही न्यायालय के बाहर निकलेगा पुलिस गिरफ्तार कर लेगी , गिरफ्तारी से बचने का कोई उपाय न देख उसके अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानतदार प्रस्तुत ही नहीं किया। फलस्वरूप न्यायालय द्वारा आरोपी मुकेश साहू को जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया।
🫵🏻 प्रोडक्शन वारंट से लिया पुलिस रिमांड पर
मुकेश साहू के द्वारा न्यायालय में जमानतदार प्रस्तुत न करने के कारण कथित सुनियोजित आत्मसमर्पण फेल हो जाने उपरांत न्यायालय ने जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया , जिसके कारण सीएसईबी चौकी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। बाद में विधिक प्रक्रियाओं के तहत आरोपी का प्रोडक्शन वारंट जारी करवा कर मुकेश साहू को सीएसईबी की पुलिस ने पुलिस रिमांड पर लेकर फर्जी बिल मामले में जरूरी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद 12 फरवरी को न्यायालय के द्वारा आरोपी को पुनः जेल भेजने का आदेश जारी किया गया।
🫵🏻कबाड़ चोरी और फर्जी बिल प्रस्तुत करने से पुराना नाता
कबाड़ व्यापार से ही जुड़े लोग बताते हैं कि मुकेश साहू लगभग 10-12 वर्षों से कोरबा में लगातार कबाड़ चोरी करने का गैंग चल रहा है उसके विरुद्ध कबाड़ चोरी और फर्जी बिल पेश करने के 10 से अधिक मामले पंजीबद्ध हैं।
🫵🏻गुवाहाटी से बुलाया गया…?
अस्पष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कबाड़ चोर मुकेश साहू फरारी के दौरान गुवाहाटी में छिपा हुआ था। इसी बीच उसके विरुद्ध न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया जो निरस्त नहीं होने की स्थिति में अग्रिम जमानत नहीं मिलने की संभावना पर उसे गुवाहाटी से न्यायालय में सरेंडर करने हेतु वापस बुलाया गया था।
🫵🏻कोयला चोरी और चेक बाउंस के मामले में हो चुकी है सजा
मुकेश साहू को वर्ष 2014 में दीपका थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर खदान से कोयला चोरी करने के मामले में 3 वर्ष की सजा हो चुकी है। साथ ही अपने रिश्ते के भाई शैलेष साहू से लिए गए उधर रकम को न लौटाने, चेक बाउंस होने के मामले में 03 माह की सजा हो चुकी है । इसके अतिरिक्त चेक बाउंस के एक अन्य मामले में आरोपी को 02 माह की सजा हो चुकी है ।
🫵🏻पुलिस ने घर पर चिपकाया नोटिस

मुकेश साहू को पुलिस के द्वारा निगरानी बदमाश घोषित किया गया है। इस संबंध में उसके घर पर नोटिस भी चिपकाया गया है।







