👉🏻 पाली के जंगलों में वन्यप्राणी सुरक्षित नहीं, हो रहे शिकार
कोरबा-पाली। कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत पाली परिक्षेत्र के जंगल में एक शिकारी के फंदे में तेंदुआ उलझ गया। समय रहते सूचना मिलने पर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया लेकिन इस घटना ने जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहुतायत की संख्या में पाली के घने जंगलों में मौजूद जानवर शिकार हो रहे हैं किंतु इसकी भनक अमलों नहीं लग पा रही और मामले पकड़ में नहीं आ रहे हैं।
पकड़े गए मामले में वन विभाग की जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक वन अधिकारियों को 09 फरवरी की शाम लगभग 07:30 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुआ कि लाफा परिसर के कक्ष क्रमांक पी. 134 में एक तेंदुआ सिंह द्वार के पास फंदे से फंसा हुआ है। सूचना प्राप्त होते ही वन परिक्षेत्र पाली के स्टाफ को मौके पर भेजकर उच्चाधिकारियों को सूचना दिया गया। कानन पेंडारी मिनी जू के अधिकारी डॉ. चंदन के रेस्क्यू टीम को वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत द्वारा सूचना दिया गया। उनके द्वारा तत्काल रेस्क्यू टीम को लेकर लाफा परिसर में वनमण्डलाधिकारी कटघोरा के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर वन्यप्राणी तेंदुआ का रेस्क्यू किया गया। चिकित्सक के सलाह पर वन्यप्राणी तेंदुआ का समुचित ईलाज एवं उचित देखभाल हेतु कानन पेंडारी ले जाया गया। इस प्रकार वन्यप्राणी तेंदुआ का सफल रेस्क्यू किया गया।
🫵🏻 स्निफर डॉग ने बताया आरोपी का पता

तेंदुआ को रेस्क्यू करने के दौरान तेंदुआ को फंदे में उलझाने वाले शिकारी का पता लगाने स्निफर डॉग की मदद ली गई। डॉग ने घटना स्थल से सुराग हासिल कर निकट के गांव पहुंचकर आरोपी का पता बताया। डॉग की निशानदेही एवं पुख्ता प्रमाण के आधार पर जब संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपराध कबूल कर लिया। उसके मुताबिक जंगली सूअर का शिकार करने के लिए फंदा लगाया था लेकिन उसमें तेंदुआ कैसे फंस गया, इसकी जानकारी उसे भी नहीं है।
इधर, वन्यप्राणी चिकित्सक द्वारा तेंदुआ को पूर्णतः स्वस्थ घोषित करने के पश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के आदेश पर वनमण्डलाधिकारी के निर्देशन में उसके नैसर्गिक रहवास स्थल पर छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ अपराधी विजय कुमार पिता श्याम सिंह गोंड 37 वर्ष निवासी नगोईभांठा, थाना- पाली को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली के आदेश पर उप जेल कटघोरा दाखिल करा दिया गया है।
🫵🏻 रेस्क्यू में इनकी रही भूमिका
रेस्क्यू के दौरान घटना स्थल पर वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, कानन पेंडारी के अधिकारी डॉ. चंदन एवं रेस्क्यू टीम उपवनमण्डलाधिकारी पाली हितेश कुमार ठाकुर, वन परिक्षेत्र अधिकारी पाली योगेश्वर प्रसाद बंजारे, वनक्षेत्रपाल, परिक्षेत्र सहायक पाली अजय कुमार कौशिक, उपवनक्षेत्रपाल, परिसर रक्षक लाफा सहस दास महंत, वनरक्षक एवं वन परिक्षेत्र पाली के स्टाफ बाबूलाल उरावं, उपवनक्षेत्रपाल, दीपक कुमार पटेल, वनरक्षक सुरेश सिंह, राजेश कुमार धिरही, श्रीमति अनिता देवी कुंवर, श्रीमति राजकुमारी पैकरा तथा वन प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित थे।







