कोरबा। कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा के ग्राम पंचायत नकिया में निवासरत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को 3 महीने से राशन नहीं मिल रहा है। जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत को समस्या बताते हुए नकिया पंचायत की सरपंच श्रीमती रमिला मंझवार ने आवेदन में बताया है कि लगातार 3 महीने से राशन नहीं मिलने के कारण जीवन यापन में बड़ी दिक्कत हो रही है। प्रभावित महिलाओं का कहना है कि दुकान संचालक चावल नहीं आया है कहता है, फिंगर प्रिंट लेने के बाद राशन नहीं दे रहा है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दो दिनों के भीतर राशन वितरण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारी की दिए हैं।
पहाड़ी कोरवाओं ने बताया कि राशन नहीं मिलने के कारण बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दुकान संचालक राशन नहीं आना बताकर वापस भेज देता है। इसकी वजह से ही उन्हें 70 किलोमीटर दूर से कलेक्टर जनदर्शन में आना पड़ा।
👉🏻 निगरानी पर सवाल
लगातार 3 महीने से नकिया पंचायत में सरकारी राशन नहीं मिलना कई सवालों को जन्म दे रहा है। सारा सिस्टम ऑनलाइन है, फिर आबंटन-उठाव और वितरण की निगरानी पर सवाल उठता है। यदि 3 माह से राशन नहीं गया है तो जिला खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम में आबंटन-उठाव-परिवहन की एंट्री नहीं हुई होगी, तब यह गड़बड़ी तो यूं ही पकड़ में आ जाती किंन्तु 3 माह से राशन चावल,शक्कर,चना को नहीं मिलना गंभीर विषय है।
👉🏻 ऐसी धांधली की बातें आ रही सामने
सूत्र बताते हैं कि अनेक ग्रामीण और दूरस्थ अंचल में राशन की बहुत धांधली हो रही है। होता यह है कि जैसे किसी pds में 250 कार्डधारी हैं तो अंगूठा सभी का लगवाएंगे किन्तु राशन 100-150 को देंगे। बाकी को राशन खत्म हो गया,अगले महीने कह कर चलता कर देंगे। अगले महीने इन वंचित 100 और कुछ अन्य को राशन देकर बाकी का रोक देंगे। यही खेल चल रहा है,किन्तु निगरानी का सिस्टन फेल है। 2-4 दुकान घूम कर,थोड़ी बहुत कार्रवाई दिखाकर कर्तव्यों की इति श्री कर ली जा रही है। मार्कफेड,नागरिक आपूर्ति निगम,खाद्य विभाग के अधिकारियों में आपसी सामंजस्य की कमी होने के कारण भी कई तरह की समस्याएं होने की विभागीय सूत्र से जानकारी मिल रही है।






