👉🏻 2 लाख सदस्यों वाली भाजपा जुटा सकी चंद हजार कार्यकर्ता, प्रचार में लाखों फूंक डाले,पर कुर्सियां खाली रहीं
👉🏻प्रथम जिला कार्यालय का प्रस्ताव और जमीन दान देने वाले ननकी राम का अंततः न आना संगठन के लिए सवाल
कोरबा। कोरबा में जिला भाजपा के नए कार्यालय ‘अटल स्मृति भवन’ का भूमिपूजन एवं शिलान्यास का कार्यक्रम सोमवार 2 फरवरी को संपन्न हो गया। संगठन का यह कथित सफल आयोजन अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया,फिर क्यों न आयोजनकर्ता अपने मुंह मियां मिट्ठू की तरह खुद की पीठ थपथपाते रहें।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को बुलाकर विशालता प्रदान करने की कोशिशें की गईं लेकिन कार्यक्रम के अंत तक सैकड़ों रिक्त कुर्सियों को भरा नहीं जा सका। शामिल हुए लोगों के मुताबिक बमुश्किल 2-से ढाई हजार लोग यहां अधिग्रहित स्कूली बसों और वाहनों से ढो कर लाए गए थे, फिर भी वे पूरी कुर्सियां नहीं भर पाए। उधर, इनके चक्कर में कई विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच पाए वो अलग…।
👉🏻 ननकीराम ने वो दौर भी देखा, इस दौर ने दिल दुखाया

भाजपा के पुराने कार्यकर्ता बताते हैं कि संगठन में एक वह भी दौर था जब इसे आगे बढ़ाने के लिए हर कोई एकजुट होकर काम करता था। तब ना कोई गुटबाजी हुआ करती थी और ना मनभेद,मकसद सिर्फ भाजपा को स्थापित करना था। 90 के दशक में अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार में ननकीराम कंवर ने कोरबा में जिला कार्यालय का प्रस्ताव रखा था जिसे तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल ने आगे बढ़ाया। प. दीनदयाल कुंज जिला कार्यालय का लोकार्पण 1993 में कुशाभाऊ ठाकरे द्वारा किया गया। कालांतर में वर्ष 2009 में जब ननकीराम कंवर गृहमंत्री, लखन लाल देवांगन महापौर, अशोक चावलानी जिला भाजपा अध्यक्ष और गोपाल मोदी श्री कंवर के शागिर्द हुआ करते थे,तब जिला कार्यालय आने वाले भाजपाईयों के लिए जगह छोटी व पार्किंग स्थल न होने से श्री कंवर ने बगल की खाली जमीन को खरीदा और जिला भाजपा को दान में दे दिया। 13 नवंबर 2009 का शिलालेख आज भी उनके योगदान की याद दिलाता है, आज ऐसे ननकीराम कंवर सहित जिले के अनेक भाजपा के कर्णधारों की गैर मौजूदगी,बिना आमंत्रण,बिना सम्मान के ही नए भवन की नींव रख दी गई। निःसंदेह ननकीराम कंवर सहित पूर्व कई जिलाध्यक्ष और उनके अपनों की भावनाएं आहत हुई हैं। कहीं न कहीं श्री कंवर की बार-बार सत्ता से लेकर संगठन तक की अनदेखी ने उन्हें जड़ से उखाड़ देने के उनके ही कभी खास रहे लोगों की मंशा को उजागर किया है।
👉🏻 बात अटल जी की, किन्तु हालात विपरीत
आयोजन के मंच से कहा गया कि कोरबा जिले के नवीन भाजपा जिला कार्यालय का नामकरण “अटल स्मृति भवन” के रूप में किया गया है, जो राष्ट्रनायक भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और आदर्शों का प्रतीक होगा। यह कार्यालय दूर-दराज़ से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशिक्षण, वैचारिक विमर्श एवं जनसेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा। नया प्रस्तावित कार्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा, संस्कार और “राष्ट्र प्रथम” की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला वैचारिक केंद्र होगा।
यह तो रही मंचीय बातें किन्तु वर्तमान संग़ठन में दिखावा ज्यादा, आत्मीयता कम दिखाई देती है। यह इन बातों से झलकता है। पार्टी के ही लोगों ने सवाल उछाल दिया है कि करीब 2 लाख की सदस्यता का दावा करने वाली पार्टी सिर्फ 2 से ढाई हजार कार्यकर्ता ही जुटा सकी।
👉🏻 बराबर में तस्वीर लगाने की होड़,आंतरिक कलह उभरा

पार्टी सूत्र बताते हैं कि भूमिपूजन की पूर्व् संध्या प्रचार सामाग्री के प्रकाशन को लेकर सत्ता और संगठन से जुड़े प्रचार माध्यमों में ही ठन गई। हुआ यूं कि प्रोटोकॉल के अनुसार सत्ता पक्ष सीएम और मंत्री जी की तस्वीर बड़ी और अध्यक्ष द्वय की तस्वीर थोड़ी छोटी लगाकर प्रसार की तैयारी में था किंतु इसकी भनक लगते ही पार्टी कम अध्यक्ष के प्रचारक का पारा चढ़ गया। उसने आनन-फानन में दोनों अध्यक्ष की तस्वीरों को खिंचवाकर सीएम और मंत्री के बराबर करा कर दम लिया। इनका तर्क रहा कि आयोजक पार्टी संगठन है,और फंडिंग हम कर रहे हैं तो हमारे/संगठन के मुताबिक तस्वीर बड़ी लगेगी। इस तरह से सत्ता और जिला संगठन में चल रही खींचतान उजागर हुई किन्तु ऊपरी तौर पर सब ठीक चल रहा है।
👉🏻 इनकी रही उपस्थिति,मंत्रियों की बजाय पूर्व अध्यक्ष ने मंच सम्भाला

“अटल स्मृति भवन” के भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह का आयोजन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, लखनलाल देवांगन, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी , संभाग प्रभारी रामू रोहरा, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल,महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, देवेंद्र पांडेय एवं जोगेश लांबा की उपस्थिति रही। मंच का संचालन दायित्व जिला मंत्रियों ने नहीं बल्कि पूर्व अध्यक्ष डॉ.,राजीव सिंह ने सम्भाला, जो भी चर्चा का विषय बना है।










