👉🏻 रेल पटरी कटी, तार – स्क्रैप पार
👉🏻 बिलासपुर और रायपुर के कुछ नामचीन कबाड़ियों की नजर कोरबा जिले पर
कोरबा। कोरबा जिले में कबाड़ियों और कबाड़ चोरों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। 2-3 दिन पहले ट्रांसपोर्ट नगर के एक नवनिर्मित आलीशान होटल में कबाड़ियों के अगुवा बने चाचा- भतीजा ने जिले के चुनिंदा कबाड़ियों की बैठक ली। इस बैठक में तय हुआ है कि यह दोनों अपना सिक्का कबाड़ियों के बीच चलाएंगे और जितने भी कबाड़ी हैं, वह सब छोटा-बड़ा माल खरीद कर उनके पास ही बेचेंगे। इसके बाद शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में चोरी की वारदात बढ़ने की खबरें सामने आ रही है।
इस कड़ी में बांकीमोगरा थाना अंतर्गत पुरानी बंद पड़ी रेल लाइन की पटरी को काटने की जानकारी आम हुई है। इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर सामने आई है।बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी इलाके में बीती रात पुराने रेल ट्रैक को काटे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह रेल लाइन पूर्व में CSEB से संबंधित थी और वर्षों पहले इसी रेल मार्ग से कोयले का परिवहन किया जाता था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही इस रेल लाइन पर कबाड़ चोरों की नजर बनी हुई है। बीती रात चोरों ने रेल लाइन के एक हिस्से को काटकर चोरी करने का प्रयास किया।
बांकीमोगरा क्षेत्र अंतर्गत खदान के भीतर घुसकर लोहा,स्क्रैप,रोलर आदि छोटे-छोटे सामानों की भी चोरी हो रही है। कई ऐसे मामले हैं जिनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा रही है। जिन मामलों में एफआईआर हो रही है वही सामने आ रहे हैं।
उरगा थाना क्षेत्र में शातिर चोरों ने टावर कंपनी के करीब दो टन वजनी एल्युमिनियम तार पर हाथ साफ कर दिया। चोरों ने चोरी किए गए तार को पहले खेत के रास्ते मुख्य मार्ग तक पहुंचाया और इसके बाद ट्रैक्टर में लादकर फरार हो गए। घटना की जानकारी सुबह कर्मचारियों को हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की पतासाजी तेज कर दी है।
इधर,बालको क्षेत्र से भी स्क्रैप की चोरी की जानकारी सामने आ रही है। चोरों के द्वारा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो चला है।
पुष्ट सूत्र बताते हैं कि स्थानीय सांठगांठ के आधार पर कबाड़ियों ने अपना दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है। हालांकि माना जा रहा था कि कबाड़ के कारोबार पर अंकुश लगेगा लेकिन बड़ी-बड़ी कार्रवाई होने के बावजूद दूसरे गुट के कबाड़ियों के हौसले बुलंद हैं। इन दिनों चाचा-भतीजा और भतीजे के जीजा का खूब नाम चर्चा में चल रहा है। इस बीच अपुष्ट तौर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि बिलासपुर और रायपुर के कुछ नामचीन कबाड़ियों की नजर कोरबा जिले पर गड़ी हुई है। हालांकि वह यहां अपना पैर जमा पाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं लेकिन उनकी कोशिश राजधानी स्तर पर लगातार जारी है। वैसे भी कोरबा जिले में छोटे-छोटे पैमाने पर कबाड़ियों द्वारा खरीदी कर अवैध कबाड़ का संग्रहण करते हुए उसे छोटी-छोटी गाड़ियों में जिले से बाहर भेज कर खपाने का सिलसिला चल ही रहा है। सीमावर्ती इलाकों और आंतरिक स्तर पर कमजोर चेकिंग का फायदा अवैध कबाड़ी उठाने से चूक नहीं रहे।






