👉🏻 हिन्दू नारायणी सेना ने मूर्तिकारों को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। आगामी गणेशोत्सव को ध्यान में रखते हुए हिंदू नारायणी सेना (छत्तीसगढ़) द्वारा जिले के विभिन्न गणेश प्रतिमा निर्माण केंद्रों में पहुंचकर मूर्तिकारों को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने मूर्तिकारों से भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का निर्माण शास्त्रसम्मत, पारंपरिक एवं वास्तविक स्वरूप में करने का आग्रह करते हुए उनके स्वरूप में किसी भी प्रकार की अनावश्यक छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की।
ज्ञापन में कहा गया कि हाल के वर्षों में कुछ स्थानों पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं कार्टून, फिल्मी पात्रों, काल्पनिक डिजाइनों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से प्रेरित स्वरूपों में बनाई जा रही हैं, जो सनातन धर्म की परंपराओं एवं शास्त्रों में वर्णित भगवान श्री गणेश के वास्तविक स्वरूप के अनुरूप नहीं हैं। संगठन का कहना है कि देव प्रतिमाओं की गरिमा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रतिमाओं का निर्माण उनके मूल एवं शास्त्रसम्मत स्वरूप में ही किया जाना चाहिए तथा उनके दिव्य स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से बचना चाहिए।
संगठन ने मूर्तिकारों से यह भी आग्रह किया कि प्रतिमा निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी), रासायनिक रंगों एवं अन्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों का उपयोग न करें। इसके स्थान पर प्राकृतिक मिट्टी, प्राकृतिक रंगों तथा पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से प्रतिमाओं का निर्माण किया जाए, ताकि विसर्जन के दौरान जल स्रोतों, जलीय जीवों एवं पर्यावरण पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
हिंदू नारायणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि जनजागरूकता के माध्यम से शास्त्रसम्मत, सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित एवं पर्यावरण हितैषी गणेशोत्सव को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि कई मूर्तिकारों ने संगठन की अपील का स्वागत करते हुए भगवान श्री गणेश की पारंपरिक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं के निर्माण में सहयोग का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय मूर्तिकार उपस्थित रहे। संगठन ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे गणेश प्रतिमा खरीदते समय केवल शास्त्रसम्मत, वास्तविक एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को ही प्राथमिकता दें, ताकि धार्मिक परंपरा और पर्यावरण संरक्षण—दोनों का सम्मान बना रहे।
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