0 शनिवार की रात नशेड़ी युवकों ने मचाई दहशत, युवक को पीटा, स्कूटी में जमकर तोड़फोड़
कोरबा। कोरबा शहर के मध्य संचालित हो रही अंग्रेजी शराब दुकान शहर की शांत फिजां के लिए नासूर बनती जा रही है। शहर के मध्य ही लगा इलाका मोती सागर पारा जहां नशा और नशेड़ी तत्वों के नाम से कुख्यात होने लगा है तो, सीतामणी संवेदनशील क्षेत्र है वहीं शहर के बीच शराब की दुकान खुल जाने से माहौल और भी बिगड़ने लगा है।
शहर की सड़कों पर सूंघने वाला नशा करने वाले छोटे-छोटे बच्चों से लेकर किशोर और युवाओं को सहज ही देखा जा सकता है, इसके अलावा गांजा और नशीली गोलियों का नशा, मधु मुनक्का का नशा भी चलन में जोरों पर है। इस पर वैध और अवैध शराब की सहज उपलब्धता के कारण माहौल और भी खराब होने लगा है।

शहर के भीतर शराब दुकान होने से यहीं पर शराब खरीद कर यहीं पर पीने-पिलाने का दौर जहां लोगों के लिए असहज होता है वहीं पीछे बस स्टैंड में भी शराबियों का जमघट लगा रहता है। छोटे-छोटे ठेले और खोमचे के अलावा पटवारी कार्यालय के बगल में, बस स्टैंड से पुरानी बस्ती की ओर जाने वाले मार्ग में, शराब दुकान के सामने सहित आसपास की गलियों के भीतर सुबह से लेकर रात तक शराबी जाम छलकाते नजर आ जाते हैं। स्थानीय लोग जब इसका विरोध करते हैं तो उन्हें ही अपमान का घूंट पीना पड़ता है और इस बात का डर हमेशा बना रहता है कि इनके कारण कब शांति भंग हो जाए या कब कोई विवाद उत्पन्न हो जाए। मधु स्वीट्स व गौरीशंकर मंदिर की गली में आये दिन यह होता है जहाँ निगम के अधीन काम करने वाले जाम छलकाते हैं। शराबियों पर ना तो कोई मुकदमा बनाया जाता है और ना ही कोई कार्रवाई होती है, बल्कि शराबी हैं कहकर छोड़ दिया जाता है किंतु इनसे उलझने वाला कानूनी पचड़ों में जरूर फंसता नजर आता है।
0 आवेदन ठंडे बस्ते में,राहत का इंतजार
यहां के व्यापारियों सहित अमन पसंद लोगों ने, चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, मध्य नगरी व्यापारी संघ ने जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश के मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत तक गुहार लगाई है लेकिन इस मामले में अभी तक किसी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। शराब दुकान के निकट ही गौरीशंकर मंदिर, कुछ दूर पंचदेव मंदिर है तो सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल और श्री राम-हनुमान मंदिर भी स्थित है। कोरबा-चाम्पा राजकीय राजमार्ग के किनारे यह शराब दुकान स्थित है।
0 लगता है जमघट,हर समय अशांति का भय
शराब दुकान संचालन के लिए मांग है कि इसे शहर से बाहर या दूसरे क्षेत्र में संचालित कराया जाए। शहर के भीतर आसान उपलब्धता होने के कारण जहां शराब दुकान खुलने तक लोगों का जमघट लगा रहता है,ड्राई डे के पहले, त्यौहार के मौके पर भारी भीड़ लगती वहीं सड़क तक भी गाड़ियां खड़ी करते हैं। इस तरह से एक भय और अशांति का खतरा हर समय बना रहता है। सुचारू आवागमन में व्यवधान भी उत्पन्न होता है।
0 जनप्रतिनिधियों की कमजोर कोशिश
दुकानदारों के साथ-साथ यहां के रहने वाले लोग भी खासा परेशान हैं। यह शहर क्षेत्र दिग्गज जनप्रतिनिधियों वाला इलाका भी है जिसमें वार्ड 13 में भाजपा पार्षद, वार्ड 6 में सभापति नूतन सिंह ठाकुर का निर्वाचन क्षेत्र (दोनों वार्ड के दायरे में प्रभावित लोग निवासरत हैं), सक्रिय सांसद प्रतिनिधि सुनील जैन का निवास भी है लेकिन शराब दुकान हटाने के इस ज्वलंत मुद्दे पर मुखरता का अभाव सहज ही देखा जा रहा है।
0 शनिवार रात नशेड़ी युवकों ने मचाया आतंक
शनिवार 30 अगस्त की रात शराब दुकान के निकट जिस तरह का घटनाक्रम घटित हुआ उससे दहशत की लहर आसपास के लोगों में दौड़ पड़ी थी। तीन युवकों के द्वारा नशा के आलम में एक स्कूटी सवार युवक के साथ जमकर मारपीट की गई और जब वह वहां से भाग निकला तो उसके स्कूटी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इस तरह की और भी घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब दुकान खुलने के बाद हाल के महीनों में उपद्रव ज्यादा बढ़ा है। लोगों की मांग है कि किसी बड़ी और अप्रिय घटना अथवा वारदात का इंतजार अथवा घटित होने से पहले ही इस विषय में प्रदेश के नवनियुक्त आबकारी मंत्री को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। चूंकि शराब दुकान अब शासन के अधीनस्थ हो चुकी है इसलिए निगम क्षेत्र में कोई सरकारी जमीन चिन्हित कर इस पर सरकारी निर्माण कराया जाकर स्थाई रूप से शराब का दुकान संचालित कराया जा सकता है। इससे सरकार द्वारा दिये जाने वाले भारी भरकम किराया की बचत होगी वहीं, इसके शहर और आबादी क्षेत्र से पृथक होने के कारण शहर और शहर वासियों की शांति में व्यवधान नहीं होगा।