0 न्यायालय की टिप्पणी के बाद सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों को आदेश
रायपुर। अपराध संबंधी मामलों की मेडिको-लीगल (MLC) रिपोर्ट को अधिक सटीक और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप बनाने के लिए स्वास्थ्य संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा शासकीय अस्पतालों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा गया है कि एक न्यायालयीन प्रकरण में यह पाया गया कि MLC रिपोर्ट में चोट लगने का अनुमानित समय, चोट का स्वरूप तथा चोट किस प्रकार की वस्तु से लगी हो सकती है, जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का उल्लेख नहीं किया गया था। न्यायालय ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रिपोर्ट को अधिक वैज्ञानिक और स्पष्ट बनाने की आवश्यकता बताई।
नई व्यवस्था के तहत चिकित्सकों को प्रत्येक MLC रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से—
चोट लगने का अनुमानित समय (Age of Injury),
चोट का प्रकार, आकार, स्थान एवं रंग,
चोट कुंद, धारदार अथवा अन्य किस प्रकार की वस्तु से लगी हो सकती है,
तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय निष्कर्षों का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
स्वास्थ्य संचालनालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी रिपोर्ट उपलब्ध चिकित्सीय परीक्षणों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुरूप तैयार की जाएं, ताकि न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता और उपयोगिता बनी रहे।
मुख्य बिंदु
MLC रिपोर्ट तैयार करने के नए निर्देश जारी।
चोट का समय, प्रकार, स्थान और संभावित हथियार का उल्लेख अनिवार्य।
न्यायालय की टिप्पणी के बाद स्वास्थ्य संचालनालय का फैसला।
सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सकों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश।

















