कोरबा। एसईसीएल की गेवरा परियोजना खदान में लिमिटेड टेंडर के माध्यम से करोड़ों के घोटाले का मामला सामने आया है । गेवरा क्षेत्र के मुख्य प्रबंधक सिविल सुरेश सुब्बाराव कांडीमल्ला द्वारा अपने सेवानिवृत्त होने से ठीक कुछ दिन पहले ही वर्तमान महाप्रबंधक गेवरा क्षेत्र एस. के. मोहंती के साथ मिलकर अपने पसंदीदा ठेकेदार राकेश कुमार इंटरप्राइजेज को लिमिटेड टेंडर के माध्यम से फायदा पहुंचाने का मामला प्रकाश में आया है । पूरे मामले में कांग्रेस नेता एवम सामाजिक कार्यकर्ता शेत मसीह द्वारा मुख्य सतर्कता अधिकारी बिलासपुर एस ई सी एल एवम केंद्रीय सतर्कता अधिकारी कोल इंडिया में शिकायत की है ।
0 जानिए क्या है पूरा मामला

सेत मसीह ने बताया कि, दरअसल पूरा मामला एस ई सी एल गेवरा में निकले एक निविदा का है जिसका टेंडर आई डी 2024_SECL_310614_1 है जिसको ओपन टेंडर करवाने के बजाए टेंडर कमिटी द्वारा लिमिटेड टेंडर के माध्यम से निविदा मंगवाए गए थे । लिमिटेड टेंडर कोल इंडिया में निविदा आमंत्रित करने की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से एरिया जी एम अपने DoP (delegationof power ) का उपयोग करते हुए एक वर्ष में विभिन्न हेड्स में 14.50 करोड़ तक के कार्य स्वीकृत कर सकते हैं ।
परंतु उक्त कार्यों को लिमिटेड टेंडर में आबंटित किए जाने की शर्त ये है की संबंधित कार्य आकस्मिक प्रकृति के होने चाहिए अर्थात ऐसे कार्यों को ही लिमिटेड टेंडर के माध्यम से निकाला जा सकता है जिसे कम समय में एवम किन्ही विशेष मशीन द्वारा ही किया जाना संभव हो अन्यथा वे कार्य जो श्रमिकों के जान माल के लिए अथवा कोयला उत्पादन के लिए तत्काल किया जाना आवश्यक हो।
ऐसे में क्षेत्रीय महाप्रबंधक एस के मोहंती एवम तत्कालीन सिविल महाप्रबंधक के सुरेश द्वारा किसी तालाब के साफ सफाई एवम गाद निकालने का कार्य लिमिटेड टेंडर के माध्यम से आबंटित करना एवम इस पूरे प्रक्रिया में पूरी की पूरी टेंडर कमिटी का कार्य की महत्वहीनता से आंखें फेर लेना एवम लिमिटेड टेंडर प्रक्रिया को स्वीकृत करना एक बड़े भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है ।
0 क्यों आशंकित है पूरा मामला ?
दरअसल बारिश के मौसम में तालाब की साफ सफाई आदि कार्य करवाने की मनाही होती है । विशेषकर ऐसे तालाब या निर्माण जो की बीस से भी अधिक वर्षों से अपनी जगह पर अडिग हैं उसका अचानक से साफ सफाई कार्य के लिए लिमिटेड टेंडर निकालना अपने आप में कई सवालों को खड़ा करता है । इसके बाद कार्य में संलिप्त गाड़ियों , टिपरों एवम पीसी मशीन आदि के भी जी पी एस टैगिंग , ट्रैकिंग , इन–आउट की भी जानकारी अधिकारियों द्वारा प्रदान किए जाने से बचा जा रहा है एवम बिलिंग की वस्तुस्थिति की सही जानकारी नहीं दी जा रही है । ऐसे में संबंधित ठेका कंपनी द्वारा काम किया भी गया है या नहीं या काम किया गया है तो कितना और कब काम किया गया है यह जानना मुश्किल हो रहा है ।
एसईसीएल गेवरा में हो रहा सरकारी संसाधनों का बंदर बांट , 25 साल से कोरबा में जमे अधिकारी को हटवाने की करेंगे मांग – श्री मसीह
पूरे मामले में शिकायतकर्ता श्री शेत मसीह ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री एस के मोहंती विगत 25 वर्षों से कोरबा में येन तेन प्रकरेण जमे हुए हैं एवम गेवरा में उनके क्षेत्रीय महाप्रबंधक रहते हुए गेवरा क्षेत्र में कोल स्टॉक में गड़बड़ी , कोयले की अफरा तफरी , डीजल की हेर–फेर ,निविदाओं में या मेजरमेंट्स में गड़बड़ियों की शिकायत लगातार आती रही है । संदर्भित निविदा तो टिप ऑफ द आइसबर्ग जैसा मामला मात्र है । उन्होंने कहा की उक्त मामले की जांच सतर्कता अधिकारी बिलासपुर एवम दिल्ली से तो की ही गई है साथ ही साथ श्री मोहंती को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग भी हम सक्षम अधिकारियों से करेंगे ताकि उनके स्थानांतरण उपरांत विभिन्न एजेंसियां द्वारा उनके कार्यकाल में होने वाले तमाम लेन देन की जांच विस्तार से करवाई जा सके ।