ग्वालियर/कोलकाता। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। यह घटना शनिवार-रविवार की मध्य रात करीब 1 बजे हुई। एक ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा था, वह अचानक आया और कुछ दुकानों और लोगों को कुचल दिया. इस घटना में मेरे भाई को भी चोटें आई हैं।घटना स्थल पर अफरा-तफरी मची रही। प्रत्यक्षदर्शीयों ने सवाल उठाया है कि जब प्रशासन बाइक तक नहीं आने देता, तो ट्रक कैसे आ गए?
बता दें, यहां नवरात्रि के दौरान मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। इस भीषण हादसे में 13 लोगों की जान चली गई है। कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, घायलों में हादसे के वक्त मौके पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी बबलू प्रजापति ने बताया, ‘मेरे पिताजी मोतीलाल प्रजापति बैठे थे. हमारे रिश्तेदार भी थे और यहां बहुत भीड़ थी. अचानक ट्रक आने पर हम लोगों ने कहा कि यहां से हट जाओ. इसके बाद कुछ लोग इधर-उधर हो गए, जबकि कुछ उसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों के हाथ-पैर कट गए और कुछ की मौत भी हो गई है। कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
बबलू ने कहा कि जब प्रशासन मोटरसाइकिल तक दुकान के पास नहीं आने देता, तो ये ट्रक यहां तक कैसे आ गए। ऊपर भी पुलिस तैनात थी और नीचे भी। पुलिस ने ट्रक यहां तक आने क्यों दिया. मेले के दौरान कोई गाड़ी नहीं निकलती थी मेला खत्म होने के बाद ही गाड़ियों को जाने दिया जाता था उन्होंने कहा यह बहुत बड़ी लापरवाही है
इस बीच, SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि छिनोर की तरफ से मंदिर आने वाली सड़क पर ढलान है। इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है. रात करीब 1:30 बजे धान से भरे एक ट्रक को वहां रोका गया था। ट्रक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़े और अचानक बेकाबू होकर ढलान से नीचे आ गया। वह मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया। श्रद्धालु ट्रक के नीचे दब गए, जिससे यह घटना हुई।
दूसरा बड़ा हादसा कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुआ। यहां सप्तमी की शाम को भीड़ के चलते चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल का हिस्सा ढह गया। पंडाल का हिस्सा ढहने के बाद मौके पर भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 17 लोगों के मौत की खबर निकलकर सामने आई है। यह भगदड़ तब मची, जब श्रद्धालु दुर्गा पूजा मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। इस हादसे में 35 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि पूजा आयोजकों ने स्थिति को संभालने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए तुरंत एक्शन लिया और जरूरी कदम उठाए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी और आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों की संख्या और इमारत गिरने की वजह का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।






