कोरबा। जिले में एसईसीएल की कुसमुण्डा खदान से कोयला और डीजल की चोरी धड़ल्ले से चल रही है। एक नम्बर की आड़ में दो नम्बर का खेल जमकर चल रहा है। कोयला की चोरी के मात्र 2-3 मामले ही पकड़े गए जिनमें एफआईआर दर्ज कराई गई किन्तु यह गोरखधंधा थमा नहीं है बल्कि जारी है। इसकी शिकायतों के बाद भी कार्रवाई निरंक है। डीजल चोरी का एक वीडियो भी सामने आया है।
इसी तरह मिलीभगत से डीजल चोरी भी हो रही है जिसमें आम रोड पर तो नहीं लेकिन खदान क्षेत्र और भीतर बड़ी मशीनों के कार्यस्थल पर ये दबंगई के साथ सक्रिय हैं। इन गिरोह के आतंक के सामने एसईसीएल के अधिकारी और सुरक्षा अमला, केंद्रीय सुरक्षा बल, त्रिपुरा राइफल्स भी बेबस नजर आता है। यही कारण है कि मशीनों और भारी वाहनों से डीजल की चोरी थम नहीं रही। कभी-कभार कार्रवाई होने पर चोरी का पैमाना कम हो जाता है, और फिर इसमें तेजी आती है। खदान के भीतर ही चोरी और चुनिंदा वाहनों में ही खपत करा दिया जाता है। एसईसीएल को डीजल चोर लाखों-करोड़ों की चपत लगा रहे हैं।
विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि खदान में नवीन कश्यप (5000 रुपए का ईनामी डीजल चोर) और बलगी निवासी परमेश्वर के द्वारा मोर्चा संभाला जाता है। इनका गिरोह (1) बरमपुर कन्वेयर बेल्ट के अंदर एरिया
(2) खमरिया पुराने पेट्रोल पंप के पीछे
(3) गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास से
(4) खोडरी की ओर से सक्रिय रहता है।
सूत्र बताते हैं कि रात में बिना नंबर प्लेट की बोलेरो और कैम्पर वाहन से डीजल चोरी की जाती है। इसके अलावा खदान के अंदर डम्पर से चोरी होती है, जो अंदर ही खप जाता है।
0 होती रही हैं शिकायतें,वीडियो सामने आया
कुसमुण्डा खदान में डीजल चोरी को।लेकर शिकायत सुरक्षा विभाग को की जाती रही है। विगत महीनों में डम्पर क्रमांक K-928 से RBR बेल्ट के पास सामने में कैम्पर अड़ा कर व डम्पर से चाबी निकाल कर पूरा डीजल चोरी कर लिया गया। इसी तरह डम्पर क्रमांक K-941 से सतर्कता चौक के पास रात 3:40 बजे डीजल की चोरी की गई जबकि एक अन्य डम्पर क्रमांक S-886 से भी डीजल की चोरी करने की लिखित शिकायत की गई किन्तु किसी मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। यदि,हुई है तो उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।