0 4 घण्टे धरना प्रदर्शन के बाद मांगों पर बनी सहमति
कोरबा-दीपका। कोयलाधानी भू विस्थापित किसान संघ के बैनर तले दीपका महाप्रबंधक कार्यालय में 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 5 अगस्त को सुबह 11 बजे से शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन किया गया l धरना प्रदर्शन 4 घंटे चला इस बीच प्रबंधन के द्वारा वार्ता के लिए 10 लोगों को बुलाया गया। जैसा कि भूविस्थापितों की मांग थी:-
- भूविस्थापितों के आश्रितों एवं प्रभावितों को उनकी योग्यता के आधार पर वैकल्पिक रोजगार देना
- दीपका क्षेत्र में कार्यरत सभी ठेका कंपनियों में सत्यापन समिति की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए l
- सत्यापन समिति की प्रक्रिया की पारदर्शिता को सुनिश्चित की जाए और रोजगार के नामांकित व्यक्तियों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए
- वैकल्पिक रोजगार के सत्यापन के लिए मिशल बंदोबस्त मतदाता सूची को शामिल किया जाए
- प्रत्येक 5 लाख रुपए के ठेके को 50 लाख रुपए मासिक कार्य को (pap,s) ठेका प्रणाली में अनिवार्य किया जाए स्थाई रोजगार से वंचित उम्मीदवारों को (pap,s) में 100 % प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए l
प्रबंधन के बीच सभी 5 सूत्रीय मांगों पर बड़े ही सौहाद्र पूर्ण माहौल में परिचर्चा हुई प्रबंधन ने सभी 4 मांगो पर लिखित में सहमति जताई और (pap,s) के मामले में मुख्यालय प्रबंधन की बात कही बैठक में प्रमुख रूप से कोयलाधानी भू विस्थापित संघ के अध्यक्ष और कोयला मजदूर पंचायत (HMS) के उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के युवा मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष गणेश उईके प्रकाश कोर्राम हेमंत नेटी पंच झाबर प्रमोद कौशिक मुड़ापार जनपद सदस्य भुनेश्वर टेकाम रामप्यारी ध्रुव (G GP) महिला मोर्चा अध्यक्ष, रमा देवी सदस्य (G GP) , मधु मालती कोर्राम शनि सिंह पंच झाबर बैठक में उपस्थित थे एसईसीएल दीपका प्रबंधन की तरफ से कार्मिक प्रबंधक दीपका जितेंद्र कुमार दुबे , आशीष अग्रवाल , एल एंड आर मधुप कुमार ,अनिल पाटले उपस्थित थे सभी बातों पर ठोस और सार्थक चर्चा हुई और आंदोलन स्थगित किया गया। - कोयला धानी भू विस्थापित किसान संघ के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में 70 प्रतिशत से ज्यादा बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है और 30 प्रतिशत लोग ही स्थानीय और भू विस्थापित हैं। लोगों को गुमराह किया जा रहा है, हजारों आवेदन लिए जा रहे हैं और कंपनी व प्रबंधन के दलाल नुमा लोग ये करा रहे हैं , इसलिए सारे आवेदनों की जांच हो और सबको सार्वजनिक किया जाए। अगर लिखित आश्वासन के बाद भी प्रबंधन अड़ियल रवैया अपनाता है तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। पूरे आंदोलन में प्रमुख रूप से भागीरथी यादव , अशोक यादव, राजेंद्र सिदार, सत्यनारायण मरावी , खेम साहू , अजय यादव, बसंत चंद्राकर, छोटे लाल, रोहित कश्यप,जितेंद्र साहू, हेमंत रामरतन के साथ काफी लोगों की उपस्थिति रही l