कोरबा। सरकारी निर्माण में किस तरह से गुणवत्ताहीन कार्यों को अंजाम दिया जाता है, इसका नमूना टीपी नगर क्षेत्र में देखने को मिला। इस घटना से यह स्पष्ट हुआ है कि किस तरह से निर्माणकर्ता ठेकेदारों के द्वारा अच्छे कार्यों के बीच में गुणवत्ताहीन कार्य करते हुए गफलत की जाती है।
टीपी नगर क्षेत्र के एक जागरूक युवक ने यह वीडियो भेजते हुए सत्यसंवाद को बताया कि टीपी नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक के सामने करीब 5-6 दिन पहले नाली के ऊपर स्लैब रखने का कार्य निगम के द्वारा कराया गया था। रखे गए स्लैब में से एक स्लैब 5 वें दिन भरभरा कर टूट गया तो लोगों को आश्चर्य हुआ कि एक हफ्ता पहले ही रखा गया यह स्लैब कैसे टूट गया?
जब इसका टुकड़ा हाथ में उठाकर देखा तो पता चला कि इसमें सीमेंट नाम की चीज ही नहीं है, काफी कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग इसके निर्माण में किया गया है। बाकी स्लैब तो सही सलामत हैं। इस तरह का मामला पहले भी सामने आ चुका है कि लगाने के कुछ दिन बाद ही कई क्षेत्र में स्लैब के टूटने की घटनाएं हुई हैं।
बता दें कि कुछ इसी तरह का हाल सड़कों के निर्माण में भी देखने को मिलता है जिसमें एक ही लाइन में बनने वाली सड़क कुछ दूर तक ठीक रहती है तो कुछ दूर तक गड्ढे में तब्दील होकर तो कहीं-कहीं उखड़ कर आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनती है। जब सड़कों का निर्माण एक ही मापदंड और पैमाने के साथ सामग्रियों का मिश्रण कर कराया जाता है तो फिर उसमें होने वाली टूट -फूट पूरे रास्ते में होनी चाहिए जबकि ऐसा न होकर बीच-बीच में ही सड़क खराब होती है। इससे इस बात को बल मिलता है कि निर्माणकर्ताओं के द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के साथ-साथ सामान और रुपए बचाने के लिए बीच-बीच में घटिया निर्माण भी कराए जा रहे हैं जिसकी वजह से आम जनता को परेशानी तो होती ही है, सरकार का धन भी बर्बाद हो रहा है। भ्रष्ट लोग इसी पर तर्क देते हैं कि जल्द ही टूटेगा तब तो नया काम करने का फिर से मौका मिलेगा औऱ हम भी खुश, साहब भी खुश।